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'प्रभु सेवा करने से नौ प्रकार की भक्ति हृदय में उत्पन्न होती है'

बामन चरित्र और धर्म की अधर्म पर विजय प्रहलाद चरित्र द्वारा किया गया.

तीर्थनगरी बृजघाट में चल रही राधा बल्लभ मन्दिर सूरदास आश्रम सेवा संस्थान में साप्ताहिक भागवत कथा के तीसरे दिन भागवत कथा में कथा वाचक श्रीहित मनोज शास्त्री ने अपने मुखारविंद से सुनाया कि बामन चरित्र और धर्म की अधर्म पर विजय प्रहलाद चरित्र द्वारा किया गया. उसमें प्रहलाद महाराज को नौ प्रकार की भक्तियों का विवरण श्रीनारायण भगवान ने श्रवण कराया. प्रथम भक्ति श्रवण जिसमें भगवान की अनुपमयी चरित्र कथा का श्रवण करने से मनुष्य का जीवन परिपूर्ण भक्ति को प्राप्त होता है. कीर्तन करने से दूसरी भक्ति संवर्धन हृदय में उत्पन्न होता है. स्मरण ही भगवान की तीसरी भक्ति है एवं भगवान की सेवा निश्छल एवं भक्ति भाव से किया जाए तो नौ प्रकार की भक्ति हृदय में उत्पन्न होती है.

राधा बल्लभ मन्दिर सूरदास आश्रम सेवा संस्थान

इस अवसर पर राधा वल्लभ मंदिर महंत केशव शक्ति दासजी महाराज,आचार्य संजीव शास्त्री, उमाशंकर भारद्वाज,अचार्य विनीत पंडित, मोहित दास, चन्दन गुप्ता, हरीश नागर, सोनू गोयल, कृष्ण वर्मा, अनुज पोरवाल, अंकित पोरवाल, गंगाराम, कृपाल दास, चंद्रप्रकाश, सुशील, रामौतार, लोकेश, दिनेश, अनिल, आशु, ऐन्द्री शर्मा, सुमन गुप्ता, आरती भारद्वाज, विनयकुमारी पोरवाल,आदि मौजूद रहे.

-ब्रजघाट से नरेश शर्मा.


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