Header Ads

गेहूं खरीद पर सरकार के झूठ का पर्दाफाश

चार महीने से लगातार झूठ का भंडा अब गेहूं क्रय केन्द्रों पर आये गेहूं से फूट गया.

उत्तर प्रदेश में गेहूं के रकबे और उत्पादन को लेकर जो आंकड़े और दावे पेश किये गये थे, वे गेहूं क्रय केन्द्रों पर खरीदी गेहूं ने झूठे सिद्ध कर दिये हैं। नोट बंदी की हकीकत को छुपाने के लिए भाजपा सरकार के नेताओं ने न जाने क्या-क्या झूठ बोले? उनमें एक बड़ा झूठ यह भी था कि नोटबंदी से रबी बुवाई पर कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा। यहां तक प्रचार किया गया कि गेहूं बुवाई पिछले सभी वर्षों अधिक रकबे में की गयी है। मीडिया सरकार से भी कई कदम आगे इस झूठ में शामिल हो गया। कोठियों में गांवों से बहुत दूर बैठे इन महारथियों ने गेहूं बुवाई के भी आंकड़े एकत्र कर लिए। गेहूं की मंडाई शुरु होने से पहले ही प्रचार शुरु हो गया कि इस बार प्रति एकड़ उत्पादन भी अधिक निकल रहा है।

गेहूं खरीद पर सरकार

चार महीने से लगातार झूठ का भंडा अब गेहूं क्रय केन्द्रों पर आये गेहूं से फूट गया। सूबे की सरकार जिलाधिकारियों पर गेहूं खरीद का लक्ष्य हासिल करने का दवाब बना रही है। डीएम केन्द्र प्रभारियों के कान उमेठ रहे हैं। वेतन तक काटने की चेतावनियां दी जा रही हैं। गेहूं जो था, लगभग केन्द्रों पर आ चुका। थोड़ा बहुत और आ सकता है। कहा जा रहा है 15 जून तक तौल चलेगी, लक्ष्य पूरा करना है। 15 जून क्या दिसंबर तक तौल केन्द्र खोले रखो, जब गेहूं है ही नहीं तो आयेगा कहां से?

इस बार हालत गत वर्ष से भी बदतर है। सरकारी केन्द्रों ही नहीं बल्कि मंडियों में बैठे आढती भी रो रहे हैं, उनका कहना है कि गत वर्ष से चौथाई गेहूं भी उनके पास नहीं आया। सरकारी एजेंसियां जनपद अमरोहा में अभी तक लक्ष्य का मात्र दस फीसदी गेहूं क्रय कर पायी हैं और अब इसमें दो फीसदी का इजाफा और हो सकता है।

गेहूं किसान की अलाभकारी फसल सिद्ध हो रही है। सरकारी विशेषज्ञ नोट कर लें कि अगले साल गेहूं का रकबा और सिकुड़ जायेगा। किसानों ने गेहूं की वैकल्पिक फसल उगानी शुरु करने की ओर कदम बढ़ा दिये हैं।

-जी.एस. चाहल.

सम्बंधित समाचार और लेख :
आटा मिल मालिक बिचौलियों के जरिये खरीद रहे गेहूं
क्यों घटा गेहूं बोने का रकबा?
गेहूं का रकबा बढ़ने का सरकारी दावा खोखला निकला
गेहूं खरीद का लक्ष्य हासिल करने को डीएम सक्रिय


Gajraula Times  के ताज़ा अपडेट के लिए हमारा फेसबुक  पेज लाइक करें या ट्विटर  पर फोलो करें. आप हमें गूगल प्लस  पर ज्वाइन कर सकते हैं ...

गजरौला टाइम्स की ताज़ा अपडेट प्राप्त करने के लिए अपना इ-मेल दर्ज करें :

Delivered by FeedBurner