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'नियमित योग करने वाले के पास रोग फटकता ही नहीं'

कई प्रकार के औषधिय पौधों के गुण तथा उनके रोपण का संकल्प भी कराया गया.

भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला प्रभारी भीष्म आर्य ने कहा है कि हमारे पूर्वज विशेषकर तत्कालीन ऋषि-मुनि अपने जीवन में योग और अनुशासित जीवनचर्या को विशेष महत्व देते थे। वे प्रातः ब्रह्म मुहुर्त में उठकर नियमित रुप से योग करते थे और उसके बाद दूसरे कार्यों को संपन्न करते थे।

भीष्म आर्य नेशनल हाइवे के निकट बसे गांव शहवाजपुर डोर में जनता उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित सात दिवसीय योग शिविर के उद्घाटन के मौके पर योग शिविर में मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे।

भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के जिला प्रभारी भीष्म आर्य

ट्रस्ट प्रभारी भीष्म आर्य ने मौजूद लोगों को सचेत किया कि लोग एलोपैथिक जैसी विधियों का सहारा रोग नाश में ले रहे हैं जबकि नियमित योग करने वाले के पास रोग फटकता ही नहीं। बढ़ती आबादी में रोग बढ़ना भी स्वाभाविक है। उन्होंने योग को इन सभी समस्याओं का समाधान बताया। योगी भीष्म आर्य ने सामूहिक योग कार्यक्रमों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें आने वाली संततियों तथा राष्ट्रोत्थान के लिए योग अनिवार्य रुप से करना चाहिए। यहां 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योग में भाग लेने का भी आहवान किया गया।

सात दिवसीय योग शिविर में पहले दिन योग शिक्षक हरपाल सिंह ने आठ प्रकार के प्राणायाम व अग्निसार क्रिया का अभ्यास कराया। बच्चों को सभी प्रकार के प्राणायामों के नाम याद कराये। इसी के साथ स्कूल के बच्चों को कमर दर्द, मोटापा, मधुमेह, जैसी बीमारियों में लाभकारी तथा लंबाई बढ़ाने के लिए आसन कराये। कई प्रकार के औषधिय पौधों के गुण तथा उनके रोपण का संकल्प कराया। एक्यूप्रेशर विधि का भी अभ्यास कराया गया।

इस अवसर पर स्कूल प्रबंधक अहसान अली, हरपाल सिंह, अनिल, शिवम, दानिश, सादिका कैफ, आफाक अली, आफिया, मुदसीर, शमशाद अली, शोएब अली, नईम आदि मौजूद रहे।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.


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