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किसान आंदोलन हुआ उग्र : मध्य प्रदेश में आगजनी और तोड़फोड़, पुलिसवाले भी पिटे

यदि आंदोलन ऐसे ही जारी रहा तो खाद्य पदार्थों की कीमतों में कई गुना इजाफा हो सकता है.

मध्य प्रदेश में किसान आंदोलन ने उग्र रुप धारण कर लिया है। खबरों के अनुसार कई स्थानों पर हिंसा की घटनायें हुई हैं। आगजनी और तोड़फोड़ के समाचार हैं। महाराष्ट्र में किसानों ने भारी मात्रा में दूध, फल तथा सब्जियों को सड़क पर फेंक दिया। वहीं मध्य प्रदेश में किसान सरकार का भारी विरोध करने पर उतर आये हैं। दोनों राज्यों में हड़ताल को चार दिन हो गये हैं।

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हालांकि महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस ने किसान नेताओं से मुलाकात की थी। उसके बाद कुछ किसान आंदोलन से पीछे हट गये, लेकिन बड़ी संख्या में किसान अभी भी आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन की वजह से लोगों को फल, दूध और सब्जियों की किल्लत हो रही है। इनके दाम भी आसमान छू रहे हैं। यदि आंदोलन ऐसे ही जारी रहा तो खाद्य पदार्थों की कीमतों में कई गुना इजाफा हो सकता है।

खबरों के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, आगरमालवा, शाजापुर, धार सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश में किसानों के आंदोलन का बड़ा असर देखने को मिला है। कई जगहों पर पुलिस और प्रशासन की मदद से दूध व सब्जियों की बिक्री करायी गयी है। इंदौर में दो पुलिसवालों की पिटाई की बात सामने आ रही है। किसानों ने प्रदर्शन के दौरान यह किया। उन्होंने इंदौर के राजेन्द्र नगर थाने को घेर लिया। करीब तीन घंटे तक पत्थर चले। पुलिस ने जवाब में पत्थर फेंके और आंसू गैस के गोले भी दागे गये।

उधर कनाड़िया थाने का घेराव किया गया। चार पुलिसवालों को चोटें आयीं। जबकि 200 से अधिक किसानों ने साथियों पर कार्रवाई करने के विरोध में थाने का घेराव किया था। केन्द्रीय कृषि मंत्री का पुतला जलाये जाने का पुलिस ने विरोध किया तो पथराव हो गया जिसमें दो पुलिसवाले घायल हो गये।

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उज्जैन में किसान उग्र हो गये कि उन्होंने नागदा में सब्जी मंडी में घुसकर 300 दुकानों में तोड़फोड़ की। ठेलों को पलट दिया गया। यहां तक की व्यापारियों से मारपीट की बात भी कही जा रही है। कुछ शरारती तत्वों ने लूटपाट भी की।

महाराष्ट्र के किसानों के समर्थन में उतरी भाकियू, मुरादाबाद मंडल के किसान एकजुट

मध्य प्रदेश के धार जिले के सरदारपुर में 6 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। कई जगह वाहनों को रोकर उनमें रखे टमाटर सड़क पर फेंक दिये गये। दुकानों को बंद करा दिया गया। शुजालपुर में दूध-सब्जी बेचने वालों से हाथापाई की गयी। घी, दूध और मावा सड़क पर फेंक दिया। शाजापुर में किसानों ने रैली निकली और बंद का ऐलान किया गया।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इतना हो-हल्ला होने के बाद चुप्पी साध रखी है। भाजपा समर्थित राज्यों में किसानों का आंदोलन सरकार के उन दावों की पोल खोल रहा है जिसमें कहा गया था कि यहां किसानों की स्थिति सबसे बेहतर है।

-टाइम्स न्यूज.


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