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गांवों के विकास की जरुरत

यहां आयोजित भारतीय किसान यूनियन की बैठक में केन्द्र सरकार से मांग की गयी है कि वह नगरों के विकास पर ध्यान देने के बजाय गांवों के विकास पर अधिक ध्यान दे। भारत गांवों का देश है। यदि गांवों का विकास होगा तो शहरों का विकास अपने आप हो जायेगा।

बैठक में बोलते हुए तहसील अध्यक्ष कृपाराम राणा ने कहा कि गंगा नदी के किनारे कई सौ गांव अकेले उत्तर प्रदेश के ही हैं जबकि गंगा के खादर में तो कई हजार गांव बसते हैं। ऐसे में अकेले काशी का विकास करने से भारत या गंगा का उद्धार नहीं होगा। हम लोग वर्षों से ब्रजघाट और तिगरी तट के सौन्दर्यीयकरण की ही मांग कर रहे हैं जो थोड़े ही धन में संभव है। स्मार्ट सिटी बड़ी योजना है। जब छोटा सा काम नहीं हो रहा तो बड़ा काम कैसे होगा?

राणा ने कहा कि किसानों और मजदूरों की बातें करने वाले नेता चुनाव जीतने के बाद उद्योगपतियों के साथ घूमने विदेशों में चले जाते हैं। वे गांव और गांव वालों को भूल जाते हैं। गन्ने के मूल्य की बात होनी चाहिए। चीनी मिल चलने की तैयाी होनी चाहिए। बिजली का कहीं पता नहीं। नयी-नयी बातें निकाली जाती हैं। असली बातें भुलाई जाती हैं। उन्होंने किसानों से एकजुट रहने का आहवान किया। बैठक में मूलचन्द यादव ने भी विचार व्यक्त किये। बैठक में वीर सिंह, कृपाल सिंह, रणधीर सिंह, नेपाल सिंह आदि मौजूद थे।

-टाइम्स न्यूज ब्रजघाट

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