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आरोप है कि दागी यहां भी हैं

मोदी सरकार में कैबिनेट विस्तार हुआ तो विवाद होना तय था। कांग्रेस और दूसरे दलों ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाये। सबसे पहले तो यह कहा गया कि इतनी लंबी चौड़ी कैबिनेट की जरुरत क्यों पांच महीने में आन पड़ी, जबकि पहले भाजपा यूपीए पर अधिक मंत्रियों को लेकर ताने कसती थी।

दूसरा मसला था कि तीन मंत्री जिनपर विवाद कुछ अधिक गहरा है।

आईये जानते हैं क्या है विवाद और क्या सफाई दे रही है सरकार।

राम शंकर कठेरिया :
प्रो. रामशंकर कठेरिया मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री बनाये गये हैं। वे आगरा सुरक्षित सीट से सांसद हैं। उनकी पृष्ठभूमि आपराधिक है। उनपर हत्या आदि अपराध जैसे 23 मामले दर्ज हैं। स्वयं कठेरिया ने अपने चुनावी शपथ पत्र में इसका हवाला दिया है।

केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली ने इसके जबाव में कहा है कि मुकदमें फर्जी हैं।

यह बयान मोदी सरकार के कद्दावर नेता का है, जबकि भाजपा कहती रहती है कि उनकी पार्टी चाल, चरित्र पर बहुत ध्यान देती है।

जे.पी. नड्डा :
मोदी सरकार में जे.पी. नड्डा शुरु से ही अहम भूमिका में दिखाई दिये हैं। वे मोदी के करीबी माने जाते हैं। उनपर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का आरोप है कि उनके कारण ही एम्स में घोटालों का पर्दाफाश करने वाले ईमानदार छवि के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी को उनके सीवीओ के पद के हटाया गया था। उस मामले में लिखित सबूत पीएमओ के पास है।

इसपर भी अरुण जेटली ने कहा कि सांसद किसी भी अधिकारी के तबादले के लिए पत्र लिख सकता है। उसे उसका हक है। नड्डा का उसमें कोई निजि हित नहीं था।

जबकि नड्डा पर गंभीर आरोप लगे थे कि उन्होंने मोदी सरकार आते ही सबसे पहले संजीव चतुर्वेदी को अपने रसूख के बल पर पदमुक्त करवाया।

गिरिराज सिंह :
गिरिराज सिंह बिहार से आते हैं। केन्द्र सरकार में सूक्ष्म, लघु तथा मझोले उद्योग के मंत्री के पद पर हैं। चुनावों के दौरान वे भड़काने वाले भाषण देकर बहुत चर्चा में रहे थे। चुनाव के दौरान उन्होंने कहा था कि जो लोग मोदी का विरोध करते हैं वे पाकिस्तान चलें जायें। उनपर कांग्रेस ने कई आरोप लगाये हैं। उनके घर दो करोड़ की चोरी की संपत्ति मिली थी। उन्होंने केवल दो लाख चोरी की बात बताई थी।

जेटली ने गिरिराज का बचाव करते हुए कहा कि बिहार सरकार चाहे तो उनकी जांच करा सकती है।

मोदी सरकार का स्वच्छ और दागी छवि की पार्टी का दावा शायद फीका पड़ता नजर आ रहा है। सरकार में कई ऐसे नेता मौजूद हैं जिनके कुर्ते पर दाग के आरोप लगाये जा रहे हैं। देखना यह है कि वक्त के साथ दाग फीके पड़ेंगे, कपड़े नये आयेंगे या उन्हें धोने की जरुरत होगी!

-टाइम्स न्यूज़.