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बीमारियों की जड़ मिटाने के लिए करायें पंचकर्म— डा. दिलबाग जिंदल

jindal dr. dilbag

भारत की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में वर्णित पंचकर्म चिकित्सा द्वारा बीमारियों को जड़ से मिटाकर स्वस्थ तन—मन के साथ जीवन का आनन्द लिया जा सकता है।

उक्त विचार जिंदल हॉस्पिटल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिलबाग जिंदल ने दिनांक 13 दिसंबर की शाम चांदपुर मेडिकल एसोसिएशन द्वारा आयोजित सी.एम.ई. कार्यक्रम में व्यक्त किये।

उन्होंने बताया की चिकित्सा जगत में आज सबसे बड़ी चुनौती शरीर पर दवाओं का बेअसर होना है जिसे ड्रग रेसिस्टेंस भी कहा जाता है।

इस परिस्थिति में पंचकर्म चिकित्सा द्वारा शरीर व मन का शोधन कर बीमारियों को समूल नष्ट किया जा सकता है।

चांदपुर नगर के वृन्दावन गार्डन में आयोजित कार्यक्रम से पूर्व चांदपुर मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. हरिओम बंसल व सदस्य डॉ. अशोक त्यागी ने बुके प्रदान कर डॉ. जिंदल का स्वागत किया।

कार्यक्रम में गेस्ट स्पीकर के रूप में बोलते हुए डॉ. जिंदल ने साधारण सा उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार हम लोग अपने वाहन की सर्विस करा कर उसे दुरुस्त रखते हैं, ठीक उसी प्रकार समय—समय हमें अपने तन व मन को स्वस्थ रखने के लिए ऋतु अनुसार पंचकर्म को अपनाना चाहिए।

डॉ. जिंदल ने कहा कि पंचकर्म न केवल बीमारियों को समूल नष्ट करता है, बल्कि शरीर को स्फूर्ति प्रदान कर निकट भविष्य में होने वाली बीमारियों से भी मुक्ति दिलाता है।

कार्यक्रम के पश्चात चांदपुर मेडिकल एसोसिएशन की ओर से एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एस.के. गर्ग ने डॉ. दिलबाग जिंदल को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

समारोह में डॉ. जिंदल के सम्बोधन के आलावा डॉ. शाहिद मेंहदी (कार्डियोलोजिस्ट, मैक्स हास्पिटल, दिल्ली), डॉ. अरुण शर्मा (न्युरोफिजिशियन, मिम्हंस, मेरठ), डॉ. नेहा फरान (डरमेटोलोजिस्ट, बिजनौर), डॉ. नितिन चौधरी (एम.एस. ओप्थोल्मोलोजिस्ट, देवराज हास्पिटल, बिजनौर) व डॉ. फरान एजाज़ (रेडियोलोजिस्ट) ने भी अपनी प्रस्तुति कर प्रश्नोत्तरों द्वारा उपस्थित डाक्टरों की शंकाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम में चांदपुर मेडिकल एसोसिएशन के सभी सदस्यों के अलावा आसपास के जिलों से आये लगभग 50 डाक्टरों ने भाग लिया।

-Gajraula Times (Chandpur) Bijnore.

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