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नेत्र ज्योति है वरदान नेत्रों का रखें ख्याल

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मानव शरीर में सभी अंगों में सबसे महत्वपूर्ण आखें मानी गयी हैं। देखने का ज्ञान प्रदान करने के कारण नेत्रों को पञ्चज्ञानेन्द्रियों में समाहित किया गया है। परन्तु वर्तमान समय में भागदौड़ व प्रदूषण युक्त वातावरण में हम लोग दृष्टि प्रदान करने वाले महत्वपूर्ण अंग को भी नजरअंदाज कर देते हैं और इसके रखरखाव का ध्यान नहीं रखते। परिणामस्वरूप आखों की रौशनी कमज़ोर होने से लेकर आँखों में अनेकों प्रकार की बीमारियां होने लगती हैं। इसलिए हमें अपनी नेत्र ज्योति को अच्छा बनाये रखने के लिए समय समय पर आँखों की उचित जांच करा चिकित्सकीय सलाह लेते रहना चाहिए।

उक्त विचार रामलीला कमेटी के अध्यक्ष व सपा के नगर अध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल ने 29 जनवरी को जिंदल हास्पिटल में शुरू किये गये नेत्र ज्योति केंद्र का उद्घाटन करते हुए व्यक्त किये।

उन्होंने जिंदल हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक व वरिष्ठ समाजसेवी डा.जिंदल की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा व समाजसेवा के क्षेत्र में वे धनौरा नगर ही नहीं अपितु पुरे जनपद का गौरव हैं। क्षेत्र के आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिंदल हॉस्पिटल द्वारा प्रारम्भ किये जा रहे चिकित्सा केंद्र “नेत्र ज्योति” से आँखों का अच्छा व सुलभ ईलाज अब धनौरा में ही उपलब्ध होगा। उन्होंने डा. जिंदल व उनकी पूरी टीम को इसके लिए बधाई दी।

कार्यक्रम में पधारे नगर के वयोवृद्ध समाजसेवी मौ. शरीफ़ अहमद (देहरा) ने कहा की “नेत्र ज्योति” के खुलने से लोगों को बहुत सुविधा होगी ओर आँखों के बढ़िया ईलाज के लिए अब दूसरे शहरों में जाने से निज़ात मिलेगी।

जिंदल हॉस्पिटल के प्रबंध  निदेशक डा. जिंदल ने कहा कि इस केंद्र की स्थापना का उद्देश्य जनमानस में नेत्र रोगों की गंभीरता के प्रति जागरूकता लाना है, ताकि समय रहते लोगों को दृष्टिहीन होने से बचाया जा सके।

उन्होंने बताया की जिंदल हॉस्पिटल की ओर से समय—समय पर सामाजिक, आध्यात्मिक व शैक्षणिक क्षेत्रों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया जाता रहा है, जो की भविष्य में भी जारी रहेगा।

इस अवसर पर जिंदल हॉस्पिटल के चिकित्साधिकारी डा. दिलबाग जिंदल ने बताया की डा. विशाल मित्तल जैसे अनुभवी नेत्र विशेषज्ञ व पुर्णतः कम्प्यूटराइज्ड तथा अत्याधुनिक मशीनों से युक्त “नेत्र ज्योति” केंद्र में सभी प्रकार की आँखों की जांच, चश्मे के लिए आई टैस्ट और नेत्र रोगों के लिए आवश्यक उपचार, ऑपरेशन इत्यादि के विषय में पूर्ण जानकारी प्रदान की जाएगी।

बालरोग विशेषज्ञ डा. राधा जिंदल ने बताया की बचपन में मुख्य रूप से शरीर में विटामिन ई की कमी, तनाव एवं ख़राब रौशनी में पढाई आदि के चलते आजकल नौनिहालों को भी भारी भरकम चश्मों का बोझ सहना पड़ता है। उन्होंने अभिभावकों व पढने वाले बच्चों को नेत्र रोगों के प्रति अधिक जागरूक रहने की सलाह दी और नियमित नेत्र जांच तथा संतुलित खानपीन जैसी आदतें अपनाने पर बल दिया। 

इस अवसर पर मुख्य रूप से डा. याकूब अली, डा. एचके गर्ग, महिपाल सिंह, अनिता, कमलेश जिंदल, श्रीकुमार, डा. संदीप आर्य, रवि कुमार, दीपिका, अमायरा, चौ. समरपाल सिंह, वीरेंद्र, मौ. इलियास, बलराम, जसपाल सिंह, सरदार बलदेव सिंह आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन डा. जिंदल्स हैथ्केयर सैंटर (यूके) से पधारे डा. कृष्णदेव व डा. तान्या ने संयुक्त रूप से किया।

-टाइम्स न्यूज मंडी धनौरा