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तबाही का मंजर है नेपाल में

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नेपाल में तबाही पसरी है। मलबे का ढेर है। हजारों लोग दबे हुए हैं। उन्हें निकालने की जंग जारी है। हजारों मौत के मुंह में समा चुके हैं। वे लौट कर नहीं आ सकते। उनके परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।

मौजूदा आंकड़ों की बात की जाये तो नेपाल में 5000 से अधिक लोग मारे गये हैं। 10 हजार से अधिक लोग घायल हैं। लाखों के आशियाने उजड़ चुके हैं। वे सड़कों, मैदानों आदि में पनाह लिए हुए हैं।

दुनिया के देश राहत और बचाव कार्य में वहां जुटे हुए हैं। भारत की ओर से सबसे अधिक मदद पहुंचायी गयी है। हमारे जवान वहां दिन-रात एक किये हुए हैं। जिंदगियों को बचाने की जंग में वे अपनी जिंदगी दांव पर लगाने से पीछे नहीं हट रहे।

आर्थिक तौर पर बहुत पीछे हुआ नेपाल

भूकंप ने नेपाल की कमर तोड़ दी है। आर्थिक तौर पर यह देश बहुत पीछे जा चुका है। पर्यटन उद्योग को सबसे अधिक क्षति हुई है। एक अनुमान के मुताबिक 90 प्रतिशत से अधिक पर्यटकों ने नेपाल के लिए अपने टिकट कैंसिल करा लिये हैं।

एतिहासिक धरोहरें तो तबाह हो गयी हैं। उनके खंडहर बाकी हैं यह बताने को यहां कुछ था कभी।

लंबा समय लग जायेगा नेपाल को इस त्रासदी से उबरने में। फिर जंग होगी नेपाल को दोबारा खड़ा करने में।

-टाइम्स न्यूज़