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सम्मानित नागरिकों और युवाओं ने शौचालय निर्माण के लिए चेताया

नगर पंचायत में प्रतिवर्ष करोड़ों का बजट पारित होता है। जिसका एक बड़ा भाग नाले और सड़क निर्माण में खर्च दिखाया जाता है। यह नागरिक अच्छी तरह जानते हैं कि उसमें से इ.ओ., जे.इ. तथा ठेकेदार एक बड़ी राशि निगल जाते हैं। निर्माण कार्यों में प्रयोग निम्नस्तरीय सामग्री इसका स्वयं में सबसे बड़ा प्रमाण होता है।

कुछ जागरुक लोगों तथा सभासदों द्वारा कई बार इस तरह की खामियों की जांच की मांग भी समय—समय पर की गयी लेकिन जांच करने वालों ने भी वही रास्ता अपनाया जो निर्माण करने और कराने तथा उसकी निगरानी करने वालों ने चुना था। लोग चुपचाप बैठे रहने के बावजूद कभी—कभी कह देते हैं कि कहीं कोई सुनवाई नहीं। कई जागरुक लोगों से हमने यहां की एक सबसे जरुरत की चर्चा की तो उसके लिए लोग नगर पंचायत पर दबाव तक बनाने को तैयार दिखे। उनका कहना था कि टाइम्स नगर की समस्याओं के प्रति गंभीर है। इसलिए हम लोग इसी के सहारे नगर में सार्वजनिक शौचालयों की मांग उठायेंगे। जरुरत पड़ी तो इसके लिए इ.ओ. तथा चेयरमेन का घेराव भी किया जायेगा। नगर में पेशाब तक करने का प्रबंध नगर पंचायत ने नहीं किया। केवल आश्वासन दिया जाता रहा है।

क्या कहते हैं हमारे जागरुक नगरवासी :

नगर के सबसे पुराने चिकित्सकों में से एक डा. श्याम सिंह सफाई व्यवस्था के पक्षधर हैं। वे अपने मरीजों तथा उनके तामीरदारों को सबसे पहले स्वच्छता बनाये रखने की हिदायत देते हैं। डा. साहब का कहना है कि वे ऐसे स्थान पर क्लीनिक चलाते हैं जहां प्रत्येक बुधवार को बेहद भीड़ वाला बाजार लगता है। यह कितने दुर्भाग्य की बात है कि यहां कोई शौचालय या पेशाबघर तक नहीं है। इस बाजार में महिलाओं की संख्या अधिक होती है। जरुरत पड़ने पर उनके सामने विकट परिस्थिति उत्पन्न हो जाती है। यहां सुलभ शौचालय जैसी व्यवस्था नगर पंचायत की ओर से होनी चाहिए। नगर पंचायत को यह काम त्वरित प्रणाली से करना चाहिए।

बस्ती में 86 वर्षीय आयुर्वेदिक चिकित्सक रमाशंकर अरुण जनसेवा में संलग्न हैं। उनका कहना है कि गजरौला टाइम्स ने बेहद जरुरी मुद्दा उठाया है। वे इस सिलसिले में चेयरमेन हरपाल सिंह से भी मिले। उनसे जल्दी ही इस समस्या के समाधान का आग्रह किया गया।

डा. रमाशंकर अरुण ने बताया कि कई परेशान महिलाओं और बच्चों को वे अपने चिकित्सालय के शौचालय का उपयोग कराते हैं। लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं हो सकता। हमारे मोहल्ले में बाजार में लोग आते—जाते ही हैं, अतः र्सावजनिक शौचालय व पेशाबघर बहुत जरुरी है। इसके निर्माण में देरी नहीं की जानी चाहिए। नगर के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर पेशाब घर की व्यवस्था सबसे पहले की जानी जरुरी है।

नगर के सुप्रसिद्ध मिष्ठान विक्रेता अरविन्द कुमार अग्रवाल नागरिक समस्याओं के प्रति बेहद संवेदनशील रहते हैं। पिछले अंकों में शौचालय और पेशाब घर की टाइम्स की मांग का उन्होंने स्वागत किया तथा कहा कि वे वर्षों से इस समस्या के निदान को तत्पर हैं और चाहते हैं कि नगर पंचायत में उन सभी स्थानों पर यह सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए जहां—जहां भी इसकी जरुरत है। अग्रवाल के अनुसार नगर पंचायत के अध्यक्ष से अधिक सभासदों का दायित्व है कि वे अपने—अपने वार्डों में जहां—जहां भी इस सुविधा की आवश्यकता है, उसे उपलब्ध कराने को इ.ओ. पर दबाव डालें तथा बजट में से एक निश्चित राशि सबसे पहले इस काम में तय करें। नगर में बाहर से आने वाले लोगों को इससे अधिक दिक्कत होती है। हमें अपने इन अनजान मेहमानों की दिक्कतों को समझना चाहिए।

नगर पंचायत के सबसे जागरुक सभासद अनिल अग्रवाल वास्तव में ईमानदारी से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। वे निर्माण कार्यों की प्रबल पहरेदारी में जुटे हैं। उनका कहना है कि शौचालय निर्माण के लिए वे टाइम्स की मुहिम में गजरौला की जनता के साथ है तथा कई अन्य सभासद भी इसके लिए इ.ओ. पर दबाव बनाने का प्रयास करेंगे। चेयरमेन भी अब इस दिशा में कुछ करना चाहते हैं। अग्रवाल का यह भी कहना है कि निर्माण में धांधली न हो तथा मानकानुसार काम कराने का वे पूरा प्रयास करेंगे। यह नहीं कहा जा सकता कि बिना जन दबाव के यह काम हो जायेगा। नगर में इसके लिए जन जाग्रति का प्रयास करेंगे।

बहुजन समाज पार्टी के युवा तथा जुझारु चेहरे मारुत प्रभाकर ने भी नगर में कई स्थानों पर अविलम्ब शौचालय निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि नगर में दलित तथा मुस्लिम बाहुल्य मोहल्लों में ऐसे निर्धन परिवार भी हैं जिनके घरों में शौचालय नहीं और उन मोहल्लों में सार्वजनिक शौचालय सबसे पहले होने चाहिए थे। जलालनगर, फाजलपुर, आजादनगर, मायापुरी तथा नाईपुरा, गजरौला के ऐसे इलाके हैं जहां शेष नगर से अधिक अल्पसंख्यक और दलित रहते हैं। दलित चेयरमेन के शासन में भी यहां शौच और पेशाब की व्यवस्था न होना कितने दुर्भाग्य की बात है। नगर में शीघ्र ही यह सुविधा सभी जरुरी स्थलों पर तुरंत होनी चाहिए। जागरुक नागरिकों खासकर नवयुवकों को इसके लिए आगे आना होगा।

भाजपा की युवा इकाई के नगराध्यक्ष सोनू कश्यप नागरिक सुविधाओं के प्रति बेहद मुखर रहते हैं। वे भी इस समस्या के प्रति संवेदनशील नजर आये, बोले— नगर पंचायत में इस समस्या को लेकर चर्चा हुई थी। उन्होंने चेयरमेन हरपाल सिंह की प्रशंसा की तथा कहा कि वे इस बारे में उनसे बात करेंगे। जल्द ही नगर की इस प्रमुख दिक्कत को दूर कराने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि खादगूजर चौराहा, थाना चौराहा, चौपुला पर हसनपुर रोड पर तथा कुछ दूसरे स्थानों पर शौचालय बेहद जरुरी हैं। इसके अलावा सड़कों के किनारे तो सभी वार्डों में कम से कम चार—चार पेशाबघर होने चाहिए।

अवंतिका पार्क के सामने समर्सिबल पम्प विक्रेता सोनू चौधरी ने बताया कि शुक्रवार के बाजार में भीड़ में लोगों को बहुत परेशानी होती है। कई लोग जिनमें महिलायें भी होती हैं, सड़कों के किनारे मुश्किल का सामना करना पड़ता है। यहां ललिता मंदिर के चौराहे के पास शौचालय और पेशाब घर की व्यवस्था बहुत जरुरी है। वैसे भी यहां मार्केट तथा आबादी घनत्व बढ़ने से ऐसी जरुरत बढ़नी स्वाभाविक है। मैं नवयुवकों को जागरुक करुंगा।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.