दीपक जैन हत्याकांड में पांच को जेल

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26/27 जून की रात में बड़ौत के आयकर अधिवक्ता पंकज जैन के साथ मारपीट और उसके भाई दीपक जैन की हत्या, अपहरण तथा लूट के आरोपियों के खिलाफ अपराध पंजीकृत कर पुलिस ने चार को जेल भेज दिया जबकि मुख्य आरोपी अरुण सिद्धू को हालत बिगड़ने पर पुलिस कस्टडी में अस्पताल में भर्ती कराया है। इस सनसनीखेज काण्ड की नगर और क्षेत्र में हर जगह चर्चा है। अपराधियों द्वारा दोनों लोगों में पीड़ित भाईयों के साथ की गयी बहशियाना हरकतों को सुनकर जहां लोगों में मृतक के परिजनों के प्रति बेहद संवेदना है वहीं आरोपियों के खिलाफ बेहद नफरत है। मुख्य आरोपी का नाम पहले भी कई संगीन आपराधिक मामलों से जुड़ा रहा है लेकिन हत्या का उसपर पहली बार आरोप लगा है।

लखमिया गांव के पास यहां से 10 किमी. दूर सिद्धू फार्म हाउस पर अरुण सिद्धू और उसके साथियों ने बंधक बनाकर रात भर निर्वस्त्र कर दोनों भाइयों को भीषण यातनायें दीं.

पंकज जैन के मुताबिक दर्ज करायी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने गजरौला के थाना चौक पर बिल्डिंग मेटीरियल का कारोबार करने वाले अरुण सिद्धू पुत्र गिररिराज सिंह, थाना गजरौला के गांव बैरमपुर निवासी मोनू सिंह पुत्र रामपाल सिंह, गजरौला की धुनपुरी के बिट्टू उर्फ आदित्य पुत्र धर्मवीर सिंह, राजपाल पुत्र डूंगर सिंह ग्राम सादपुर थाना बछरायूं तथा तेजपाल पुत्र रामसहाय ग्राम लखमिया थाना बछरायूं को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से लूटे गये रुपये, तीन मोबाइल, एटीएम कार्ड और कार्ड से निकले 45 हजार रुपये भी बरामद हुए। घटना में प्रयुक्त दो तमंचे भी बरामद किये गये हैं। यह जानकारी एएसपी ने पत्रकारों को अमरोहा में दी।

हत्या, अपहरण तथा लूट की धाराओं पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको जेल भेज दिया गया। इसी दौरान अरुण की हालत बिगड़ गयी जिसके कारण एंबुलेंस बुलाकर उसे इलाज के लिए पुलिस कस्टडी में बाहर भेजा गया है।

गौरतलब है कि अरुण का नाम लंबे समय से धोखाधड़ी तथा कई बड़े आर्थिक अपराधों से जुड़ा है। हत्या में उसका नाम पहली बार आया है।

कैसे हुई वारदात?

बागपत जिले की बड़ौत तहसील के निवासी दीपक जैन और पंकज जैन यहां 26 जून को आयकर अधिवक्ता होने के नाते अपना कार्यालय खोलने को दुकान लेने आये थे। अरुण सिद्धू के सिद्धू काम्पलेक्स में उन्होंने किराये पर भवन ले लिया था। देर रात वे खाना खाकर स्टेशन की तरफ घूमने निकले थे। बकौल दीपक तभी एक कार में कुछ लोगों ने उन्हें जबरन डाल लिया।

लखमिया गांव के पास यहां से 10 किमी. दूर सिद्धू फार्म हाउस पर अरुण सिद्धू और उसके साथियों ने बंधक बनाकर रात भर निर्वस्त्र कर दोनों भाइयों को भीषण यातनायें दीं।

भोर से पूर्व दोनों को गजरौला में सड़क किनारे फेंक कर भाग गये। इसी दौरान दीपक जैन की दर्दनाक मौत हो गयी। बतौर पंकज जैन अपराधियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी थीं।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.

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