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मैगी से बढ़ रहा नेस्ले की मुसीबतों का दायरा

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मैगी को लेकर रोज नया समाचार सामने आ रहा है। कल वहां बैन लगा, आज यहां और अगले दिन कहीं ओर मैगी को प्रतिबंधित कर दिया जायेगा। मैगी बनाने वाली कंपनी नेस्ले की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

दो मिनट में बनने वाली मैगी जो हर किसी की दिल अजीज थी महज कुछ समय में लोगों की चहेती नहीं रही। खासकर बच्चे जिनकी वह सबसे पसंदीदा थी, वे भी अब मैगी से दूरी बनाने लगे हैं। वे रोज चर्चायें सुन रहे हैं। रोज नया खुलासा हो रहा है। टेलीविजन से लेकर अखबार तक पर मैगी की कहानी मिल रही है।

सारा मामला उत्तर प्रदेश से शुरु हुआ जो अब तक खत्म होता नहीं दिख रहा। दिल्ली सरकार के बैन के बाद नेस्ले के लिए ओर समस्या खड़ी हो गयी। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने कंपनी से 15 दिन के अंदर मैगी के स्टॉक हटाने को कहा है। कई अन्य राज्यों में भी मैगी की युद्धस्तर पर जांच चल रही है।

कंपनी दावा कर रही है कि लैड की मात्रा मानकानुसार है, जबकि जांच में वह अधिक बताई जा रही है। बिग बाजार, सेना में भी मैगी पर बैन लग गया है। देश की आर्मी कैंटीनों पर इसकी बिक्री बंद कर दी गयी है।

शेयर बाजार में नेस्ले का शेयर बुधवार को 10 फीसदी तक गिरा जो कंपनी के लिए किसी लिहाज में भी अच्छा संकेत नहीं कहा जा सकता।

मैगी के विज्ञापनों में काम करने वाले कलाकारों पर भी प्रतिबंध की आंच आयी। अमिताभ बच्चन, प्रीति जिंटा, माधुरी दीक्षित जैसी हस्तियों पर केस दर्ज होने के बाद उन्होंने अपने-अपने तरह से सफाई दी। बच्चन ने कहा कि वे दो साल पहले मैगी का विज्ञापन बंद कर चुके। जबकि प्रीति का कहना था कि उन्हें तो वर्षों हो गये मैगी का विज्ञापन छोड़े हुए।

बताया जा रहा है कि हिमाचल प्रदेश के नेस्ले प्लांट में मैगी का उत्पादन गिर गया है। वहां चार में से तीन प्रोडक्शन लेन बंद पड़ी हैं। राज्य के ऊना में टाहलीवाल प्लांट से जहां पहले रोजाना लगभग 30 हजार पेटी मैगी का उत्पादन होता था वह घटकर अब 7-8 हजार पेटी रह गया है।

नेस्ले के लिए मुश्किलों का दायरा बढ़ता जा रहा है। मैगी के कारण नेस्ले के अन्य उत्पादों पर भी इसका असर हुआ है।

-टाइम्स न्यूज़ ब्यूरो.