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केजरीवाल के लिए समय सौ में से सौ का

केजरीवाल-के-लिए-समय

आम आदमी पार्टी और केन्द्र सरकार के बीच उठापटक शायद ही समाप्त हो. समय-समय पर दोनों में टकराव की स्थिति बनती रही है.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिले. उन्होंने कई मुद्दों पर बात की.

बाद में मनीष सिसोदिया ने बताया कि मुलाकात किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी. उनका कहना था कि उन्होंने दिल्ली से संबंधित मुद्दे उठाये थे.

उपराज्यपाल नजीब जंग और अरविन्द केजरीवाल सरकार का टकराव लंबे समय से चल रहा है. इससे दिल्ली की जनता को नुकसान हो रहा है.

सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से देश की राजधानी पर बहुत बुरा असर हुआ. उसमें एमसीडी का मुख्य रोल था जिसपर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है. जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे. लोगों का जीना मुहाल हो गया था. यहां तक की विदेशी सैलानियों पर भी इसका व्यापक असर हुआ. माना जा रहा है कि यह टकराव आगे भी जारी रहेगा.

नियुक्तियों को लेकर बवाल तो खुलेआम युद्ध का रुप ले चुका था. केन्द्र सरकार का सहयोग जिस तरह मिलेगा यह केजरीवाल को अच्छी तरह पता है.

उधर आम आदमी पार्टी के कानून मंत्री रहे जितेन्द्र तोमर की फर्जी डिग्री का मामला अभी ठंडा नहीं हुआ है.

कुल मिलाकर दिल्ली में सरकार चलाने के लिए अरविन्द केजरीवाल और उनकी टीम को राजनीतिक तौर पर अपनी दक्षता दिखानी होगी. उनके लिए यह समय सौ में से सौ का है. यहां 99 से काम नहीं बनने वाला.

कहना गलत न होगा कि एक मामूली चूक उनके लिए आगे भी तिल का ताड़ बनायी जा सकती है.

-टाइम्स न्यूज़.