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जिला पंचायत चुनाव में युवा ब्रिगेड का जलवा

जिला पंचायत चुनाव में युवा ब्रिगेड

सितम्बर-अक्टूबर में संभावित जिला पंचायत चुनाव में इस बार नवयुवकों का बोर्ड बनने के प्रबल आसार हैं। सदस्य उम्मीदवारी के लिए अभी तक जितने भी नाम सामने आये हैं, वे सभी युवा पीढ़ी से हैं।

कई उम्मीदवार तीस से कम उम्र के हैं। वार्ड 10 में सबसे अधिक उम्मीदवारों के नाम सामने हैं। अभी तक चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वालों में लगभग तीन दर्जन नाम सामने आये हैं जिनमें एक को छोड़कर सभी पुरुष हैं। एकमात्र महिला उम्मीदवार पायल चौधरी वैसे भी सबसे कम आयु 23 वर्ष की है।

वार्ड दस में जो लोग चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं उनमें चौ. भूपेन्द्र सिंह सपा से, पायल चौधरी नगला माफी, वेदपाल सिंह(बगड़ी), सतेन्द्र सिंह मीरपुर, मंजीत सिंह कौराला, लालू सिंह निपनिया, विपिन चौधरी गजरौला तथा सुभनीत सिंह गजरौला सहित एक दर्जन नवुयवक शामिल हैं। चुनावों की निश्चित तारीख घोषित होने तक कुछ नये नाम भी आगे आयेंगे। फिलहाल चौ. भूपेन्द्र सिंह की स्थिति काफी सुदृढ़ है तथा पारुल चौधरी का प्रभाव भी कम नहीं। चुनावी प्रचार तथा जनसंपर्क जय—पराजय का फैसला करेगा। वैसे सभी उम्मीदवारों में अपनी-अपनी सफलता के प्रति पूरा उत्साह है।

वार्ड-11 में वैसे तो आधा दर्जन उम्मीदवार किस्मत आजमाना चाहते हैं लेकिन मुख्य मुकाबला वीरेन्द्र सिंह, कामेन्द्र सिंह और निरंजन सिंह में ही है। यहां से जाफर मलिक, धर्मपाल सैनी और अबरार सैफी भी उम्मीदवारी के प्रबल दावेदार हैं तथा ये सभी अपनी-अपनी मजबूती का दावा कर रहे हैं। मंजिल अभी दूर है, अतः कुछ भी आकलन करना जल्दबाजी होगा।

वार्ड नंबर 9 से भी कई नाम सामने आये हैं जिनमें छात्र नेता दीपक भड़ाना, डा. इस्माइल सैफी, नैपाल सिंह, डा. मो. हनीफ सैफी, तथा पूर्व विधायक रिफाकत हुसैन भी अपने किसी परिजन को मैदान में लाना चाहते हैं। इन सभी उम्मीदवारों में दीपक भड़ाना सबसे युवा हैं और उनके पास एक जबरदस्त युवा टीम है जो अभी से क्षेत्र में प्रचार में जुट गयी है। भड़ाना को वार्ड में भारी जनसमर्थन मिल रहा है। शेष उम्मीदवारों की उपस्थिति कहीं नहीं है।

वार्ड 12 में भी जिला पंचायत चुनाव में कांटे का संघर्ष रहेगा। यहां से मोहरका पट्टी के असलम चौधरी, अब्बास चौधरी, इदरीश कुरैशी, इरफान मेवाती और नफीस मेवाती चरचाओं में हैं।

असलम चौधरी की पत्नि ग्राम प्रधान हैं तथा चौधरी ने गजरौला में इसी साल नर्सिंग होम खोला है। राज्यमंत्री कमाल अख्तर के वे करीबी माने जाते हैं। उन्हें उम्मीद है कि वे मोरचा जरुर फतह करेंगे।

अब्बास चौधरी खनन ठेकेदार हैं। उनका भी मजबूत आर्थिक आधार है। वे मैदान में आये तो टक्कर कांटे की होगी।

तीन अन्य उम्मीदवार भी अच्छी तैयारी करेंगे। कोई और चेहरा भी मैदान में आ सकता है।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.

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