जिला पंचायत

इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की कुरसी बसपा से जा सकती है। इसके लिए उसकी टक्कर सपा से रहेगी। अभी तक देखने में आया है कि जिस दल की राज्य सरकार होती है, अध्यक्ष पद पर उसी का कब्जा होता है।

पिछली बार बसपा सरकार के कारण जिला पंचायत बसपा के कब्जे में थी। इस बार भाजपा भी कोशिश में रहेगी लेकिन गन्ना समितियों के चुनाव ने सिद्ध कर दिया है कि सपा यहां भाजपा पर बहुत भारी है। केवल बसपा ही उससे टक्कर ले सकती है। सपा के बड़े नेताओं में यहां वर्चस्व की खुफिया लड़ाई भी जारी है, अध्यक्ष पद पर दो बड़े नेताओं में खींचतान होना स्वाभाविक है।

बसपा में भी गुटबंदी है। ऐसे में सपा-बसपा की हालत कई मामलों में एक-दूसरे से अलग नहीं। फिर भी सपा मजबूत स्थिति में है। वैसे भी लोग चलती गाड़ी में बैठना पंसद करते हैं।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.

गजरौला टाइम्स के ताज़ा अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें. 

जरुर पढ़ें : जिला पंचायत चुनाव में युवा ब्रिगेड का जलवा