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उपेक्षित खादर को न्याय दिलायेंगे शिक्षित युवक

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जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन तंत्र की घोर उपेक्षा के चलते विकास की दौड़ में जिला अमरोहा का खादर क्षेत्र, गैर खादर क्षेत्र से जब पिछड़ता ही चल गया तो युवा पीढ़ी के कई तेज तर्रार उच्च शिक्षित नवयुवकों ने खादर की तस्वीर बदलने का बीड़ा उठाया है। ये नौजवान दीपक भड़ाना और नैपाल सिंह राणा के नेतृत्व में गोल बंद हो रहे हैं तथा सबसे पहले इस इलाके के अशिक्षित तथा भोले-भाले लोगों को लंबे समय से बार-बार झूठे-सच्चे वादों के बहाने ठगकर कुर्सी हथियाने वाले नेताओं के हाथ से प्रतिनिधित्व की बागडोर छीनना चाहते हैं। नब्बे के दशक के आसपास पैदा हुए ये नवयुवक मौजूदा सांसद कंवर सिंह तंवर तथा विधायक एम. चन्द्रा के बेहद खिलाफ हैं जो कुर्सियां मिलने के बाद उपेक्षित खादर क्षेत्र की खबर तक लेने नहीं आये। वैसे वे इनके परवर्ती सभी जनप्रतिनिधियों पर खादर से भेदभाव का आरोप लगाते हैं।

वैसे तो अमरोहा जिले की मंडी धनौरा और हसनपुर तहसीलों में गंगा के खादर में कई सौ गांव हैं। सबकी समस्यायें जटिल और असमान हैं लेकिन नवयुवकों में दारानगर, सींसोवाली, बुड्ढी वाली, जाटों वाली, ढाकों वाली, सुल्तानपुर, देवीपुरा, रमपुरा, धलेंडा, घेरोवाली, बिसावली तथा टीकोवाली गांवों की दिक्कत दूर न होने के कारण बेहद रोष है।

बाहा नदी के पार बसे इन गांवों के लोग दशकों से पुल की मांग कर रहे हैं। यहां एक पैंटून पुल बना दिया गया है। जिसे बरसात में तोड़ दिया जाता है। गंगा का जल स्तर बढ़ते ही यहां पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। इन गांवों का संपर्क पूरी बरसात पांच माह तक शेष क्षेत्र से कट जाता है। नावों के सहारे लोग जरुरत के लिए नदी पार जाते हैं। शासन दो नाव तो मुहैया करा देता है लेकिन नाविक नहीं। लोग स्वतः नाव चलाकर दोनों ओर आते-जाते हैं।

इस पुल को पक्का बनवाने के लिए लोकसभा, विधानसभा तथा जिला पंचायत चुनाव में लगभग सभी उम्मीदवारों ने लोगों से वायदे किये लेकिन आजाद भारत के सात दशक होने को आये किसी ने बाद में सुनवाई नहीं की।

लोकसभा चुनाव से पूर्व तथाकथित समाजसेवी और मौजूदा सांसद कंवर सिंह तंवर ने यहां जब भी सभा की। लोगों की मांग पर भरोसा दिलाया कि उन्हें लोकसभा में भिजवा दो, यदि सरकार ने भी नहीं सुना, तो मैं अपने पैसे से पुल बनवा दूंगा।

तंवर को एमपी बने पन्द्र माह बीत गये और यह दूसरी बरसात हो रही है। लोग ढूंढ रहे हैं लेकिन सांसद लापता हैं। विधायक एम. चन्द्रा का उनसे भी बुरा हाल है, वे मंडी धनौरा में ही कैद होकर रह गये, उनके यहां होकर भी दर्शन दुर्लभ हैं।

इन नवयुवकों में दीपक भड़ाना, नैपाल सिंह राणा, देवेन्द्र विधूड़ी, जाकिर मलिक, तथा उपेन्द्र गुर्जर का कहना है कि मौजूदा सांसद विधायक के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष कमलेश आर्य, खादर क्षेत्र के सभी वार्डों से चुने जिला पंचायत सदस्य भी नाकारा सिद्ध हुए हैं। इस पुल के बारे में किसी ने भी किसी भी स्तर से कुछ नहीं किया। यदि ये लोग चाहते तो यह काम हो जाता और लंबे समय से मुसीबतों का पहाड़ ढो रही बीस हजार से भी अधिक की आबादी का दर्द काफी कम हो जाता।

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गंगा खादर क्षेत्र में दीपक भड़ाना, नैपाल सिंह राणा एवं अन्य.

दीपक 9 तथा नैपाल वार्ड 20 से उम्मीदवार

खादर की तकदीर तब्दील करने की जिद पाले बैठे नवयुवकों में से दीपक भड़ाना वार्ड 9 तथा नैपाल सिंह राणा वार्ड 20 से चुनावी समर में हैं। इनका इरादा केवल जिला पंचायत सदस्य बनना ही नहीं बल्कि ये दशकों से उपेक्षा झेलकर विकास में पिछड़े खादर क्षेत्र में आमूल-चूल बदलाव के पक्षधर हैं। इनका दावा है कि हमारे इलाके के युवा जाग चुके हैं। वे अब अपनी तकदीर पढ़े-लिखे खादर के नवयुवकों के हाथ में सौंपना चाहते हैं। वे ही इस क्षेत्र का विकास कर सकते हैं।

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-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.

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