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'अयोग्य और अनपढ़ हैं अमरोहा जिले के नौजवान' -टेवा

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यहां स्थित इज़राइल की विशाल दवा औद्योगिक इकाई टेवा एपीआई इंडिया के मुख्य सुरक्षा अधिकारी एवं प्रशासनिक प्रबंधक मेजर विचल सिंह का कहना है कि गजरौला तथा उसके आसपास के क्षेत्र में पढ़े-लिखे तथा प्रशिक्षित नवयुवकों का अभाव है। उनका यह भी दावा है कि इस इलाके की राजनीति में जितने लोग राजनीतिक नेतृत्व में हैं वे तो बिल्कुल ही व्यवहार शून्य हैं। उनसे पूछा गया कि पत्रकारिता के बारे में आपकी क्या राय है? तो इसपर टाल गये और कहा कि आप इससे जुड़े हैं, मुझसे बेहतर जानते होंगे। उनसे जब यह सवाल पूछा गया कि कौनसा नेता आपको सबसे बेहतर लगता है तो उनका कहना था कि ये नेता नहीं बल्कि 'लेता’ हैं, मैं तो इनका फोन आते ही गेट बंद करा देता हूं। यह इज़राइल की कंपनी की फैक्ट्री है, भरतिया समूह की जुबिलेंट नहीं जहां जो चाहे गेस्ट हाउस में ठहर जाये।

हमने कहा कि जुबिलेंट की भरतिया फाउंडेशन प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये सामाजिक सेवाओं में खर्च करती है। आप चाहें तो हम पूरा ब्यौरा उपलब्ध करा सकते हैं। टेवा ने गजरौला से अबतक पता नहीं कितना धन कमाया है लेकिन यहां की जन सेवाओं में उसका कोई योगदान नहीं। आप जब यहां की जमीन, पानी तथा हवा का उपयोग कर रहे हैं तो आपकी कंपनी जन सेवाओं से हाथ क्यों खींच रही है?

इसपर विचल सिंह का कहना था कि मैं एचआर विभाग से पता कर समाजसेवा का पूरा ब्यौरा दूंगा। हमनेे कहा, धन्यवाद। आप कंपनी के कागजों को देखकर बतायेंगे और मैं जमीन पर देख रहा हूं कि कितनी समाजसेवा हो रही है?

हमारा मूल सवाल स्थानीय प्रतिभाओं पर था। हमने कहा कि अविभाजित जिला मुरादाबाद का सबसे पहला आइएएस इस गजरौला ब्लॉक के बल्दाना गांव का था। आज भी इन कंपनियों के प्रबंधन, संचालन और कार्यान्वयन में जुटे विशेषज्ञों से अधिक शिक्षित तथा प्रशिक्षित प्रतिभायें यहां हैं। उन्हें आप जैसे लोगों ने सेवाओं में नहीं लेने दिया। हमने उन्हें यह भी संदेश दिया कि आप हमारे क्षेत्र के प्रशिक्षित तथा उच्च शिक्षित युवाओं को अयोग्य करार देने की वाकशैली में बदलाव लायें। यह आप कैसे कह सकते हैं कि यहां के लोग अयोग्य हैं।

विचल सिंह इतना सुने ही हमारे पास से ऐसे उठ खड़े हुए जैसे एक सेनाधिकारी अपने शत्रु देश के अधिकारी से नाराज होकर जाता है। हमने जबतक अपने फोटोग्राफर को बुलाया तबतक मेजर मैदान छोड़ चुके थे।

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-विशेष संवाददाता गजरौला.

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