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आरक्षण सूची की देरी से ढीला पड़ा प्रचार

panchayat-election-2015

आरक्षण सूची जारी होने की तिथि की अनिश्चितता के कारण त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रचार का दौर धीमा पड़ गया है। पिछले दिनों 15 अगस्त तक आरक्षण स्थिति स्पष्ट होने की खबर चरचाओं में आने से चुनावी सरगर्मियां शुरु हो गयी थीं। पहले जिला पंचायत और बीडीसी चुनावों की घोषणा के कारण जिला पंचायत के कई वार्डों में उम्मीदवार जोर शोर से प्रचार में जुट गये थे लेकिन आरक्षण सूची टलते रहने से ऐसे सभी उम्मीदवार भी शांत होने लगे हैं और वे मामूली जनसंपर्क तक सिमट गये हैं।

वार्ड 9, 10, 11 और 12 में तो प्रचार अभियान काफी जोर पकड़ चुका था जबकि वार्ड 14 में दर्जनभर से अधिक लोग भाजपा, बसपा और सपा से उम्मीदवारी के लिए प्रयास कर रहे हैं। एक-दो प्रचार में भी संलग्न हैं।

वार्ड दस शुरु से ही दिलचस्प चुनाव का अखाड़ा बन गया था, जिसका सिलसिला अभी तक थमा नहीं है। कई लोग फोन पर हमसे वहां की ताजा जानकारी लेने का प्रयास करते रहे हैं। वैसे इस वार्ड के परिणाम को लेकर पूरे जनपद में सबसे अधिक जिज्ञासा रहेगी।

अभी तक जिला पंचायत सदस्यों के बारे में ही चर्चायें हैं जबकि इसी के साथ होने वाली बीडीसी चुनावों की उम्मीदवारी में लोगों की दिलचस्पी बहुत कम है। यही कारण है कि अभी तक एक-दो को छोड़कर अधिक नाम सामने नहीं आये।

हां, ग्राम प्रधानों के उम्मीदवारों का शोर तेजी पर है जबकि ये चुनाव जिला पंचायत और बीडीसी से बाद संपन्न होंगे। अधिकांश गांवों में कुछ लोग दावतों आदि पर मोटा खर्च चुके। शराब के दौर भी चल पड़े हैं। परंतु चुनाव बाद में होने की खबर ने प्रधान पद के उम्मीदवारों को मायूस कर दिया है। इन लोगों का कहना है कि चुनाव लंबा खिंचने से अधिकांश उम्मीदवारों का दिवाला निकल जायेगा। कई तो एक चुनाव के बराबर खर्च कर चुके।

अभी भी कई जगह ऐसे लोग हैं जो जनवरी तक प्रचार अभियान चलाये रखना चाहते हैं। चाहें उसमें कितना भी खर्च उठाना पड़े। फिर भी आरक्षण सूची और चुनावी कार्यक्रम की अनिश्चितता ने तेजी से चला चुनाव प्रचार ठंडा कर दिया है।

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-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.

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