Header Ads

सपा में तीसरी ताकत बनना चाहते हैं रिफाकत हुसैन

rifakat-hussain-bachharaun

अपने वालिद लताफत हुसैन के नाम से खोले जाने वाले इंटर कालेज के शिलान्यास के लिए सपा नेता रिफाकत हुसैन ने आजम खां को आमंत्रित किया और वे रविवार में सही वक्त पर भारी जनसमूह के बीच यहां शिलान्सास भी कर गये।

इस बीच इस आयोजन ने जिले की समाजवादी पार्टी की आंतरिक कलह को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।

रिफाकत हुसैन अपनी राजनैतिक नैया को डूबने से बचाने के लिए किसी तरह सपा में शामिल हो गये थे और उन्हें खुश करने के लिए हाइकमान ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य बना दिया था। जबकि यहां कैबिनेट मंत्री महबूब अली, राज्यमंत्री कमाल अख्तर तथा विधायक अशफाक खां सबसे मजबूत सपा नेताओं में शुमार हैं।

महबूब अली और कमाल अख्तर तो सपा के बड़े नेताओं में माने जाते हैं। ये भी दो अलग-अलग गुटों की राजनीति कर रहे हैं।

rifaquet-hossain-amroha

चौ. रिफाकत हुसैन ने आजम खां जैसे कद्दावर मंत्री को अपने स्कूल के शिलान्यास के लिए बुलाकर जिले के तीनों मुस्लिम नेताओं को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सपा नेतृत्व में उनका भी असर है। रिफाकत हुसैन के इस आयोजन में दोनों मंत्रियों के न पहुंचने और कई पहुंचे वरिष्ठ नेताओं को मंच से दूर रखने से भी स्पष्ट हो गया है कि यह आयोजन रिफाकत हुसैन द्वारा आजम खां से निकटता अपनी निकटता का प्रदर्शन भी है।

प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य राहुल कौशिक, पूर्व सपा जिला अध्यक्ष डा. जितेन्द्र यादव और धनौरा विधानसभा प्रभारी को मंच से दूर रखने की भी यहां आलोचना हो रही है। राहुल कौशिक ने तो फेसबुक पर अपनी पीड़ा को सार्वजनिक किया है। महबूब अली तथा कामल अख्तर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं है।

पिछले दिनों नगलिया मेव के शिक्षा जागरुकता सम्मेलन में भी आजम खां के आने पर यहां के दोनों मंत्री शामिल नहीं हुए थे। इससे राजनीतिक क्षेत्रों में यह भी चर्चा है कि अपने क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के सपा नेता को वे कोई महत्व नहीं देते।

इससे क्या यह मान लिया जाये कि जिले में महबूब अली और कमाल अख्त के बाद रिफाकत सपा में तीसरी ताकत बनने के ख्वाब पाले बैठे हैं।

-टाइम्स न्यूज़ बछरायूं.

गजरौला टाइम्स के ताज़ा अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें.