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कस्तूरबा की बेटियों की अस्मत से खिलवाड़

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गरीब बच्चियों को शिक्षित कराने के लिए सरकार ने कस्तूरबा आवासीय विद्यालय खोले थे। इन बच्चियों को निशुल्क शिक्षा और आवास मुहैया कराने की इस योजना के तहत सभी जनपदों में बालिका विद्यालय चल रहे हैं। इन स्कूलों की वार्डन और टीचर महिलायें रखी गयी हैं। परंतु संभल के एक विद्यालय में उनकी महिला शिक्षकों ने जो व्यवहार किया वह नारी तथा पुरुष दोनों के लिए ही बेहद शर्मशार करने वाला है। रिठाली के इस विद्यालय की मासूम छात्राओं को जिस्मफरोशी के लिए तैयार करने जैसे गंभीर आरोप बच्चियों के अभिभावकों ने लगाये हैं। बबर्रता की शिकार बच्चियों ने अपने माता-पिता से आप बीती बतायी तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गयी। पत्रकारों को भी भुक्तभोगी छात्राओं ने बहुत कुछ बताया है।

तहसील दिवस में अभिभावकों ने बच्चियों के यौन शोषण और दूसरी समस्याओं पर अधिकारियों से शिकायत की थी तो उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में एक दैनिक द्वारा इस बारे में समाचार प्रकाशित किया तो प्रशासन हरकत में आया। बच्चियों से पूछताछ की गयी तो उन्होंने कई हैरतअंगेज कारनामों से परदा उठाया। बीएसए प्रेम चन्द यादव ने वार्डन और उसकी चहेती एक टीचर का तबादला कर जांच शुरु की।

कई बालिकाओं ने वार्डन और टीचर के तबादले के बाद वे सभी राज उगल दिये, जिन्हें बताने से उन्हें मना किया गया था। कई लड़कियों ने बताया कि उन्हें ब्लू फिल्में दिखाई जाती थीं, उन्हें निर्वस्त्र किया जाता था। कुछ लोगों के साथ रात को बाहर भी भेजा जाता था। किशोरावस्था की दहलीज पर पहला पांव रखने वाली बच्चियों ने उन्हें जबरन यौन शोषण का शिकार बनाने की बात कही है। बच्चियों ने तो इतना कुछ कहा है जिसे यहां नहीं लिखा जा सकता।

महिलाओं के संरक्षण में इन बच्चियों को इसीलिए रखा जाता है कि वे बच्चियों को पुरुषों से बेहतर समझ सकती हैं और महिला-महिला से हमदर्दी भी रखेगी लेकिन यहां ये मातायें ही अपनी बेटियों सरीखी छात्राओं को नारकीय जीवन जीने को मजबूर करने पर तुल गयीं।

यह बेहद गंभीर मामला है। इसमें विभागीय और प्रशासन के लोग भी शामिल हो सकते हैं। साथ ही सफेदपोश और दबंग भी इसमें भूखे भेड़ियों की तरह लगे होंगे। इस मामले को बहुत ही उच्च स्तरीय जांच से परखा जा सकता है। जिला स्तर का कोई भी जांच अधिकारी इसमें न्याय नहीं कर पायेगा। साथ ही राज्य सरकार को चौकन्ना होकर सभी कस्तूरबा विद्यालयों की खुफिया जांच करानी चाहिए। ऐसा और कहीं भी हो सकता है।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.

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