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धराशायी होने को है बीज भण्डार की बूढ़ी इमारत

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राजकीय कृषि बीज भण्डार की इमारत बेहद जर्जर हालत में है जो कभी भी धराशायी हो सकती है। यहां तैनात सरकारी कर्मचारी और बीज खरीदने वाले किसान खतरे से खाली नहीं हैं। किराये की इस इमारत के एक बड़े हिस्से की छत गिर चुकी और शेष इमारत में दरारें पड़ने से वह भी धराशायी होने के इंतजार में है। साथ ही विभागीय जुम्मेदारों को भी किसी बड़े हादसे की इच्छा है तभी यहां से बीज गोदाम स्थानांतरित करने के बारे में सोचने की उन्हें फुर्सत नहीं।

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राजकीय कृषि बीज भण्डार की इमारत बेहद जर्जर हालत में है जो कभी भी धराशायी हो सकती है.
उल्लेखनीय है कि गजरौला की पुरानी बस्ती के मुख्य बाजार में पूर्व मंत्री स्व. रमाशंकर कौशिक के निवास के पास एक बहुत ही पुरानी किराये की इमारत में राजकीय कृषि बीज भंडार है। यहां किसान इस समय गेहूं का बीज खरीदने आ रहे हैं। इमारत की छत तथा दीवारों में दरारें पड़ चुकीं। उनका प्लास्टर भी उखड़ रहा है। पिछला हिस्सा गिर गया है और अगले भाग में बीज भंडार चल रहा है। वर्षा होते ही यह टपकने लगता है। जिससे बीज खराब होने की आशंका रहती है बल्कि कभी-कभी बीज भीग भी जाता है।

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खस्ताहाल इमारत की जानकारी होने के बावजूद तत्सम्बंधी कर्मचारी व अधिकारी खामोश हैं.
वहां बैठने वाला स्टाफ और किसान मौत की गोद में माने जाते हैं। खस्ताहाल इमारत की जानकारी होने के बावजूद तत्सम्बंधी कर्मचारी व अधिकारी खामोश हैं। लगता है कि वे किसी बड़े हादसे की प्रतीक्षा में हैं। मौजूद स्टाफ का कहना है कि वे कई बार अपने वरिष्ठों को अपनी दिक्कत बयां कर चुके लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं। वे हमें मौत के मुंह में तो धकेलना ही चाहते हैं, उन्हें किसानों से भी हमदर्दी नहीं।

-टाइम्स न्यूज़ गजरौला.

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