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चन्द्रपाल के लिए सभी दांवपेच लगाये नागपाल ने

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जिला पंचायत अध्यक्ष की उम्मीदवारी के लिए कैबिनेट मंत्री महबूब अली से वापस चन्द्रपाल सिंह की पुत्रवधु रेणु चौधरी को टिकट दिलवाने के लिए पूर्व सांसद देवेन्द्र नागपाल को एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ा। इसके लिए वे स्वयं जहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कई बार मिले वहीं सपा के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव का सहयोग लेकर दबाव बनाया। कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर को पहले ही विश्वास में ले चुके थे।

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दरअसल आरक्षण की कैंची चलते ही, जैसे उनकी पत्नि अंशु नागपाल अध्यक्ष पद की दावेदारी से बाहर हुईं, तो वे देवेन्द्र नागपाल ही थे जो इसके लिए चौधरी चन्द्रपाल सिंह का नाम आगे लाये। मेरे पूछने पर उस समय उन्होंने उलटा सवाल दागा था कि क्या इसमें कुछ शक है। वास्तव में चौधरी साहब के महबूब अली खिलाफ थे। इसीलिए यहां सपा का कोई भी मजबूत नेता चन्द्रपाल सिंह के साथ नहीं खड़ा था। यही कारण था कि रेणु चौधरी की उम्मीदवारी पर किसी को भी भरोसा नहीं हो रहा था। मुझे भी।

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वास्तव में देवेन्द्र नागपाल और मुख्यमंत्री के चाचा शिवपाल सिंह यादव की पुरानी मित्रता ने अपना रंग दिखाया। इधर कमाल अख्तर का साथ और अशफाक अली के समर्थन ने इस मुहिम को और भी मजबूती प्रदान की। सपा हाइकमान समझ चुकी थी कि अमरोहा में एक बड़ा पद किसी हिन्दू नेता को देने से सपा से दूर होते जा रहे बहुसंख्यकों का समर्थन हासिल करना आसान होगा। नागपाल का यह प्रयास विधानसभा चुनाव में सपा को होने जा रहे नुकसान की भरपाई करने में भी मददगार होगा।

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-टाइम्स न्यूज़ ब्यूरो अमरोहा.

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