Header Ads

फंसने फंसाने का खेल, कोई पास कोई फेल

ajit-jogi-arun-jaitely-ashutosh

डीडीसीए मामला ठंडे बस्ते में आसानी से नहीं जाने वाला। आम आदमी पार्टी उसपर सवाल उठाती रहेगी। कांग्रेस दूर से खेल का आनंद लेने की सोचती है, तभी राजीव शुक्ला के नाम की चर्चा भी होने लगती है। इसलिए कांग्रेस पशोपेश में है।

भाजपा की ओर से अरविन्द केजरीवाल पर पहले ही मानहानि का मामला दर्ज हो चुका है।

डीडीसीए मामले में नयी चिट्ठियां सामने आयी हैं। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि चिट्ठियां जेटली ने अपने राज्यसभा के कार्यकाल के समय लिखी थीं। आशुतोष का आरोप था कि जेटली ने जांच को बंद कराने का उनमें जिक्र किया है। ये चिट्ठियां दिल्ली पुलिस को लिखी गयी थीं।

ब्लॉग पढ़ें : लड़ाई विचारों की है, पुराने जख्म कुरेदने की भी है

वित्त मंत्री अरुण जेटली पर डीडीसीए में करोड़ों के घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है। वे एक दशक से अधिक समय तक डीडीसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं। 2013 में वे वहां से अलग हुए थे।

भाजपा सभी आरोपों को गलत बताती है, लेकिन सही तथ्यों को उजागर होने में अभी समय लगेगा।

दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में लेनदेन को लेकर एक टेप जारी हुआ है। उसमें मुख्यमंत्री रमन सिंह के रिश्तेदार, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे सहित दूसरे नेताओं के बीच चुनाव को लेकर सौदेबाजी की बात सामने आ रही है। 

ब्लॉग पढ़ें : रामदेव के साथ ऐसा क्यों होता है?

जोगी इसे बकवास बता रहे हैं। कांग्रेस के खामोश बैठे नेताओं ने जोगी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वे उन्हें और उनके बेटे को पार्टी से बाहर करने की बात करने लगे हैं।

यह राजनीति फंसने फंसाने की हो चली है। पता नहीं चल रहा कि कौन किसका फंसा रहा है और कौन उसमें फंसेगा। आरोप मौका मिलते ही कमान से निकले तीर की तरह वार करने को बेताब हैं, निशाना लगा तो पास, वरना फेल।

-मोहित सिंह
(ये लेखक के अपने विचार हैं)

गजरौला टाइम्स के ताज़ा अपडेट प्राप्त करने के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें.

Mail us at : gajraulatimes@gmail.com