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रेनू की उम्मीदवारी जिले में सपा को बल प्रदान करेगी

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पूर्व मंत्री चौ. चन्द्रपाल सिंह की पुत्रवधु रेनु चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए उम्मीदवार बनाने से जहां चन्द्रपाल सिंह का सम्मान बढ़ा है, वहीं एक बिरादरी के क्षेत्र में सिमटती जा रही जिले की समाजवादी पार्टी में हिन्दू मुस्लिम संतुलन कायम होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। जो लोग अबतक जिले की सपा को मुसलमानों की पार्टी कहकर उसका विरोध करते थे, उनके लिए यह अब आसान नहीं रह गया है। इससे आगामी विधानसभा चुनाव में सपा को बड़ी राहत की उम्मीद है।

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चन्द्रपाल सिंह का नाम आगे करने वाले पूर्व सांसद देवेन्द्र नागपाल और उनका साथ देने वाले मंत्री कमाल अख्तर के इस कदम से सपा को मजबूती मिली है। भले ही महबूब अली और उनके समर्थकों को यह नागवार लग रहा हो लेकिन इस फैसले ने सपा को हिन्दू विरोधी बन रही छवि से बाहर निकाला है।

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ध्यान देने योग्य है कि डेढ़ वर्ष पूर्व संपन्न लोकसभा चुनाव में यहां से भाजपा की जीत का प्रमुख कारण सपा का वर्ग विशेष के प्रति झुकाव ही था। चार विधानसभाओं में आरक्षित सीट को छोड़कर तीनों पर सपा ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे। जिनमें से दो मुस्लिमों को तो मंत्री बनाया ही गया बल्कि नौगांवा के इसी बिरादरी के एक अन्य व्यक्ति को भी राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया। जबकि सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के हमजोली और सबसे पुराने नेता चौ. चन्द्रपाल सिंह की बराबर पार्टी में उपेक्षा ही की जाती रही। इन सब कारणों से यहां सपा एक वर्ग की हितैषी और दूसरे वर्ग की विरोधी छवि की पार्टी बनती गयी। जिसके कारण बहुसंख्यक समुदाय ने एकजुट होकर लोकसभा चुनाव में सपा की स्थानीय उम्मीदवार के बजाय भाजपा के बाहरी उम्मीदवार को विजयी बनाया। रेनु चौधरी की उम्मीदवारी सपा की पुरानी छवि को तोड़कर उसे नया रुप देगी। जिससे सपा की मजबूती को बल मिलेगा।

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-टाइम्स न्यूज़ ब्यूरो अमरोहा.

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