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कड़ा कानून बड़े खनन माफियाओं पर बेअसर

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अमरोहा जनपद में अवैध खनन को रोकने के बहाने वैध खनन पर भी अधिकारियों का शिकंजा कस गया है जबकि पुलिस संरक्षण में खनन का कारोबार बेरोकटोक धड़ल्ले से जारी है। खनन पर सख्त होते कानूनी शिकंजे से खनन माफियाओं की पौ बारह है और भराव आदि के कारोबार से जुड़े गरीब मजदूर रोजगार के मोहताज होते जा रहे है वहीं दूसरी ओर भवन निर्माण कराने वाले लोगों को भराव कराने के लिए भारीभरकम रकम अदा करनी पड़ रही है। यह काम पुलिस संरक्षण में धड़ल्ले से जारी है।

बतौर उदाहरण गजरौला मे नयी आबादी तेजी से बस रही है। जिसके लिए लोग मकान बनवा रहे है और बहुत से लोग प्लाट खरीदकर उनमें भराव डाल रहे है। पिछले दिनों खनन के प्रति कई सख्त निर्णयों से खनन विभाग और पुलिस ने इस सिलसिले में सख्ती शुरू कर दी है।  हद यहां तक हो गयी है कि कृषि भूमि समतल करने के लिए उठाई मिट्टी को किसान अपने मकान के भराव के लिए लाता पाया गया तो पुलिस ने उसके खिलाफ भी कार्यवाही की धमकी दी। लोगों का कहना है कि इस बहाने सिपाही से लेकर थाना इंचार्ज तक को मुंह मांगी रिश्वत देनी पड़ी। खनन विभाग ने भी जगह-जगह छापामारी कर इस बहाने अपना उल्लू सीधा किया हालांकि इससे खनन बन्द नहीं हुआ। इतना जरूर हुआ कि छोटे-छोटे भराव का काम करने वालों ने डरकर काम करना बन्द कर दिया।

ऐसे में बड़े मगरमच्छ मैदान में उतर आये। उनकी जेसीबी और टै्रक्टर ट्रालियों का काम तेजी से चलने लगा। इनके मजबूत राजनैतिक रसूख और पैसे के सहारे पुलिस और खनन विभाग से सांठगाठ के सहारे काम चल रहा है। ये लोग जिनमें शहबाजपुर डोर के रमजानी और गजरौला के तिलकराज का नाम शामिल है। धड़ल्ले से अवैध मिट्टी खनन करके थाने के सामने से टै्रक्टर ट्रालियां लेकर प्रतिदिन गुजरते है और नगर  में भराव का काम कर रहे है। दोनों का कहना है कि उन्होंने पुलिस और खनन विभाग के सिर पर चांदी का जूता मारा है। जबकि पुलिस जानबूझकर इससे अनजान बनी है और जिला खनन अधिकारी का बहाना है कि वे ऐेसा पाये जाने पर कार्यवाही करेंगे। 

दूसरी ओर नगर के कई लोगों को अपने खेत से मिट्टी खोदकर भराव डालने की इजाजत न तो पुलिस और न ही खनन विभाग दे रहा है। ऐेसे में इन लोगों को मजबूरी में खनन माफियाओं से महंगे दामों पर भराव डलवाने को बाधय होना पड़ रहा है। खनन माफियाओं का कहना है कि खनन माफिया सौ रूपये प्रति ट्राली थाना और सौ रूपये प्रति ट्राली खनन अधिकारी का अतिरिक्त लेते है। इससे प्रति ट्राली छह सौ रूपये लेते है जबकि पहले तीन सौ रूपये से भी कम कीमत थी।

-टाइम्स न्यूज़ अमरोहा.

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