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अमरोहा में भाजपा के जिलाध्यक्ष के सामने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की चुनौती

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भाजपा के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल नागर का शुरु में काफी विरोध हुआ था। बाद में भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को शांत करा लिया। उसके लिए पार्टी को काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। उसके बाद तो जैसे नागर के स्वागत का सिलसिला चलने लगा। उनका जगह-जगह स्वागत हुआ। उन्होंने भाजपाईयों के बीच अपने विचार रखे और पार्टी को विधानसभा के लिए तैयार करने के लिए चर्चायें कीं जो जारी हैं।

लेकिन उन्हें नाराजगी अभी भी झेलनी पड़ रही है। नन्हेड़ा अल्यारपुर गांव में वे एक स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए थे। स्वागत भी उन्हीं का होना था। वहां उन्हें भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्यायें सुनायीं। उनपर यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने पार्टी का विरोध करने वालों को भाजपा में शामिल कर रखा है।

एक कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इसका मतलब यह निकाला जा सकता है कि अमरोहा जिले में भारतीय जनता पार्टी में कुछ ऐसे नेता शामिल हैं जो पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं। सवाल यह भी उठता है कि इसकी सत्यता की पुष्टि कौन करेगा? साथ ही जो लोग सवाल उठा रहे हैं, वे कितने पार्टी-भक्त हैं?

अमरोहा जिले में भाजपा की हालत उतनी बेहतर नहीं है यह किसी से छिपा नहीं है। अंदरुनी कलह तो हर पार्टी में हो रही है। चाहें सपा हो, बसपा हो या फिर कांग्रेस जिसका वजूद न के बराबर है, सभी में आपाधापी चल रही है। चूंकि राजनीतिक तौर पर माहौल बहुत गरमाया हुआ है, इसलिए हर पार्टी में कुछ नेता ऐसे हैं जो अपना लाभ देख रहे हैं या जिनकी दृष्टि उनके हिसाब से लंबी है।

भाजपा के लिए चिंता इस बात को भी लेकर है कि आगामी चुनावों में कहीं कार्यकर्ता अंदरुनी कलह का शिकार होकर बिखर न जायें और दूसरे दल उन्हें हाथ फैलाकर अपना न लें। देखना दिलचस्प होगा कि नागर किस तरह कार्यकर्ताओं को एकजुट कर पाते हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए मोहित सिंह.