भाजपा और केजरीवाल : यह आरोपों की लड़ाई ज्यादा है

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भाजपा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ एक तरह से मुहिम छेड़ी हुई है। देखा जाये तो लोकतंत्र में मुहिम छेड़ना गलत नहीं है और दिल्ली में विपक्ष की पार्टी होने के नाते वह ऐसा कर सकती है। लेकिन मुहिम के नियम और बोलने के कायदे भी मायने रखते हैं।

आरोपों पर गौर करें तो भाजपा अरविन्द केजरीवाल पर उनके मुख्यमंत्री बनने से पहले से ही मौका मिलते ही आरोप लगाती रही है। उधर अरविन्द केजरीवाल की ओर से भी लगभग वैसा ही हुआ है। लेकिन उनके आरोपों में उनके अनुसार तथ्य हैं।

भाजपा और केजरीवाल के लिए यह आरोपों की लड़ाई कई मायनों में राजनीति के नए रंग लेकर उभरी है

डीडीसीए वाला मामला अभी उसी तरह जिंदा है। केजरीवाल पर मानहानि के केस को लेकर भाजपा बेहद गंभीर है। अब तो वे यह भी कह रहे हैं कि केजरीवाल को जेल जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। इसका मतलब यह कि दिल्ली के मुख्यमंत्री जल्द सलाखों के पीछे जाने वाले हैं।

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क्या केजरीवाल और उनके साथी जेल जाने वाले हैं?

भाजपा के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि केजरीवाल और उनके साथी जेल जाने वाले हैं। उनके अनुसार केजरीवाल ने अपनी नाकामी और भ्रष्टाचार को जनता से छिपाया है।

शर्मा का यहां तक कहना था कि केन्द्र की सरकार भ्रष्टाचार और गरीबी के लिए नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में काम कर रही है जबकि उसके उलट केजरीवाल उनपर बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं।

देखा जाये तो भाजपा और केजरीवाल की लड़ाई आरोपों की लड़ाई ज्यादा नजर आ रही है। आयेदिन आरोप लगाये जाते हैं। साबित क्या होता है, यह भी समय-समय पर पता चलता रहता है।

-एम.एस. चाहल.

 (ये लेखक के अपने विचार हैं)

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