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'शिक्षा की सेहत सुधारने के लिए इसी तरह होंगे निरीक्षण और कार्रवाई'

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अमरोहा जिले में सरकारी विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता पहले से ही खराब है। परिषदीय स्कूलों में जब भी निरीक्षण किया जाता है वहां कभी शिक्षक नहीं मिलते, कभी बच्चे नदारद रहते हैं तो कभी विद्यालय ही बंद मिलता है।

पढ़ाने में शिक्षकों की दिलचस्पी कम राजनीति में ज्यादा होती जा रही है। ऐसे मामले पहले सुनने को भी आये थे कि शिक्षक स्कूलों को खुला छोड़ या उनमें ताला डालकर अमरोहा कलैक्ट्रेट घूम रहे थे। एक शिक्षक तो डीएम के कार्यालय में पाये गये थे।

अब जोया ब्लॉक के परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण हुआ तो कई गड़बड़ियां मिलीं। इसके मद्देनजर दो प्रधान अध्यापकों को सस्पेंड कर दिया गया जबकि 20 को प्रतीकूल प्रविष्टि दी गयी है। जबकि 13 शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया।

जोया ब्लॉक में हटव्वा और पंडकी उच्च प्राथमिक विद्यालय पर ताला लटका हुआ था। इसपर बीएसए की ओर से दोनों विद्यालयों की प्रधान अध्यापिका राबिया खातून और फरेहा को निलंबित कर दिया गया। शिक्षिका ममता श्रीवास्तव, सोनम और संगम का वेतन रोकने के आदेश दे दिये गये।

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गुलड़िया, पृथ्वीपुर, सरकड़ा अजीज, सरकड़ा कमाल, मानकजुड़ी, नवादा, सिरसा खुमार, बासीपुर, जोज खेड़ा, कांकर सराय, ईंट का रड़ा, फैय्याज नगर, देवीपुरा आदि विद्यालयों के शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है।

बीएसए गिरवर सिंह का कहना है कि जिन स्कूलों में गड़बड़ियां पायी जा रही हैं उनके खिलाफ विभाग सख्ती से निपट रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। शिक्षा की सेहत सुधारने के लिए इसी तरह औचक निरीक्षक और कार्रवाई होती रहेगी।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.

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