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मायावती और अखिलेश : बात जन्मदिन की नहीं है, चुनाव आने वाले हैं

 मायावती और अखिलेश : बात जन्मदिन की नहीं है, चुनाव आने वाले हैं

उत्तर प्रदेश में सियासत अलग रंग में बहती है। यहां सत्ता में और सत्ता से दूर दिग्गज राजनीतिक चालों और अंदाजों को चर्चा में लाने का भरपूर प्रयास करते हैं।

जब बात जन्मदिन की आती है तो न ही मुलायम सिंह यादव के यहां कोई कसर रखी जाती है और न मायावती के यहां। दोनों नेताओं के समर्थक उनके जन्मदिन को पूरे जोशो खरोश के साथ मनाते हैं।

जब मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन को भव्य बनाने के लिए विदेशी बघ्घी आयी तो खूब शोर मचा। केक पर तो जैसे महाभारत हो गया था। खुद उनके कार्यकर्ता केक खाने के लिए कई जगह झगड़ पड़े थे। केक पर दंगल तो हर जन्मदिन में देखने को मिल जाता है।

उधर मायावती के जन्मदिन में भव्यता कम नहीं होती। उनके समर्थक उनके जन्मदिन को भव्य बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाने से पीछे नहीं हटते।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव

मायावती ने अपना 60वां जन्मदिन मनाया तो मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर बोल पड़ीं। उन्होंने कहा कि मुलायम के जन्मदिन पर पैसा खूब बहाया जाता है। उसी तरह सैफई महोत्सव पर धन लुटाने में भी सरकार पीछे नहीं है।

नेताजी का जन्मदिन उनके बेटे ने मनाया है

फिर क्या था, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी का जन्मदिन उनके बेटे ने मनाया है। उसके लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल नहीं हुआ जो पहले हुआ करता था। अखिलेश बोले कि मायावती उनकी बुआ हैं, उनके बारे में वे कुछ नहीं बोलेंगे।

जबकि अखिलेश यादव घुमाकर मायावती पर वार करने से भी पीछे नहीं रहे।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की राजनीति जन्मदिन की राजनीति पहले भी बनती रही है। मौका चाहिए और हमला शुरु कर दिया जाता है।

दरअसल प्रदेश में विधानसभा के चुनाव आने वाले हैं। दोनों दल उसके लिए भागदौड़ करने में व्यस्त हैं। उन्हें किसी तरह सत्ता पर कब्जा चाहिए। समाजवादी पार्टी की जनता से दूरी बनती जा रही है। बसपा में आने को कई दिग्गज मौके की तलाश में हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए मोहित सिंह.