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'मेरा बाप मेरे साथ गंदा काम करता था, मैंने उसे सजा दिलवायी’

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उस लड़की की आंखों में आज भी उस एक साल की दरिंदगी तैर रही है। वह उसे भूल नहीं सकती। जो उसके साथ आयेदिन होता था, वह उसे छुपाती रही।

लेकिन एक दिन उसने शोर मचा दिया। जिसने भी उसकी दास्तान सुनी वह रो पड़ा। दुष्कर्मी पिता को अदालत ने दोषी मानते हुए उसे चौदह साल सश्रम कारावास की सजा सुना दी है। साथ में 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

उसके पिता ने ही उसे एक साल तक हवस का शिकार बनाया। वह घुटती रही, मगर डर और परिवार की बदनामी से चुप रही।

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लड़की की उम्र 15 साल थी। 2012 से 2013 तक उसके साथ आयेदिन बलात्कार हुआ। 19 जून 2013 को उसने साहस कर अपनी कहानी सुना दी। जिसे भी पता चला वह हैरान रह गया था। खुद लड़की ने अपने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी।

घटना मुरादाबाद के डिलारी के गांव उमरपुर पीपली की है।

उसने कहा कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है। उसे बाहर की दुनिया से उतना लेना-देना नहीं। वह अपने परिवार में सिमटी रहती थी।

उसने कहा,'मेरा बाप मेरे साथ गंदा काम करता था।’

जब घर पर मां नहीं होती थी तो बहशी पिता उसके साथ दुराचार करता था। लगभग एक साल तक सगे बाप ने बेटी से दुष्कर्म किया।

वह कई बार गर्भवती हुई। पिता ने चोरी-छिपे गर्भपात कराया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। लड़की इतनी भयभीत कर दी गयी थी कि वह मां तक से अपनी बात कह न सकी।

एक दिन उसने साहस किया और शोर मचा दिया। पड़ोस में रहने वाले परिवार के दूसरे सदस्य दौड़ कर आये। तबतक पिता अली बक्श भाग निकला था। पुलिस ने उसे बाद में पकड़ लिया। 29 जून 2013 को आरोप-पत्र दाखिल किया गया।

विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट अनिता राज ने कहा कि पिता ने मानवीय संवेदनाओं को आहत करने का बहुत ही घृणित अपराध किया है। बाप के अपराध से समाज पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। ऐसे लोगों को सख्त सजा की आवश्यकता है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए एम.एस. चाहल.