Header Ads

पीएम नरेन्द्र मोदी : मां का जिक्र और भावनाओं का बह जाना

 पीएम-नरेन्द्र-मोदी-मां-का-जिक्र-और-भावनाओं-का-बह-जाना

प्रधानमंत्री एक बार बहुत भावुक हो गये थे। उनका गला भर आया था। लखनऊ में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह में संबोधन के दौरान ऐसा हुआ।

उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या का जिक्र किया। उन्होंने रोहित की मां की भावनाओं को समझते हुए कहा कि उन्होंने अपना बेटा खोया है। उस दर्द को समझता हूं।

यह कहते हुए पीएम मोदी भावुक हो गये थे।

पिछले साल फेसबुक दफ्तर में लोगों से मुखातिब होते हुए पीएम मोदी मानो रो ही पड़े थे। वहां उन्होंने अपनी मां का जिक्र किया था। उनकी माता की याद उन्हें भावनाओं में बहा ले गयी थी। उनका गला भर आया था।

प्रधानमंत्री-नरेन्द्र-मोदी

उससे पीछे जायें तो साल 2014 में संसद में पहले दिन नरेन्द्र मोदी भावुक थे। 

कहना गलत न होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समय-समय पर अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाते। उनके भाव उमड़ कर बाहर आ जाते हैं।

हालांकि विपक्ष उनकी इन 'भावनाओं’ की कद्र न करते हुए उनपर 'ढोंग’ या 'अभिनय’ करने का आरोप लगाता रहता है।

चूंकि उत्तर प्रदेश में सियासी पारा धीरे-धीरे हर तारीख के साथ बढ़ता जा रहा है, इसलिए मोदी के उत्तर प्रदेश के दौरे को राजनीतिक चश्मे से भी देखा जा रहा है। वाराणसी में नरेन्द्र मोदी ने महामना एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखायी। यह रेलगाड़ी वाराणसी से दिल्ली तक चलायी गयी है।

उन्होंने वहां अपने भाषण में गरीबों और दिव्यांगों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा किये गये काम गिनाये।

लखनऊ में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में उनका कुछ छात्रों ने खूब विरोध किया। उसके बाद कार्यक्रम में हंगामा हो गया। बाद में उन छात्रों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया। वे रोहित वेमुला की आत्हत्या को लेकर गुस्से में थे।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए एम.एस. चाहल.