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राहुल यूरोप से लौटे : इस बार रहस्मयी नहीं रही छुट्टियां

राहुल यूरोप से लौटे : इस बार रहस्मयी नहीं रही छुट्टियां

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने यूरोप की अपनी छुट्टियां मना लीं हैं। वे रविवार को विदेश से भारत लौट आये हैं। इस बार विपक्ष खासकर भारतीय जनता पार्टी ने चीख पुकार नहीं की।

राहुल गांधी ने अपने रहस्य को इस बार पहले ही उजागर कर दिया था। फिर किसी को संशय नहीं रहा कि वे कहां जा रहे हैं।

दरअसल वे नया साल मनाने के लिए दो सप्ताह की छुट्टी पर यूरोप गये थे। नया साल मनाकर राहुल गांधी भारत लौटे हैं।

ताजपोशी पर संदेह

कांग्रेस को उनका इंतजार था क्योंकि पार्टी चाहती है कि उन्हें जितनी जल्दी हो सके कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया जाये। मगर कहीं न कहीं कुछ नेताओं को उनकी इस ताजपोशी पर संदेह भी है। खबर है कि पार्टी के वरिष्ठ और अनुभवी नेता अभी चुप बैठकर सारा नजारा देखने में व्यस्त हैं। मौका मिलते ही वे अपनी बात कह सकते हैं, मगर सोनिया गांधी का विचार आते ही वे थोड़ा सोचने पर मजबूर हो सकते हैं।

2015 के मध्य की बात करें तो राहुल गांधी ने कांग्रेस के लिए बहुत मेहनत की है। उन्होंने दौड़-भाग में कोई कसर नहीं छोड़ी। पदयात्रायें करने से उनकी राजनीतिक समझ जरुर पहले से विकसित हुई होगी।

उनका प्रयास शायद यही रहेगा कि विधानसभा चुनावों की गर्मी के बीच वे पार्टी को पहले से और मजबूती दिला सकें।

इस बार उनके बाहर जाने पर हो-हल्ला नहीं मचा। जबकि पिछले साल वे छुट्टी पर बजट सत्र के दौरान चले गये थे। कांग्रेस पार्टी के भीतर भी अलग-अलग तरह के विचार उठने लगे थे।

माना जा रहा है कि इस बार वे पूरी तैयारी के साथ लौटे हैं। उनकी यूरोप यात्रा उनकी राजनैतिक पारी को नयापन देगी इसपर सवाल अभी से उठने शुरु हो रहे हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए एम.एस. चाहल.