Header Ads

हिन्दी साहित्यकार रविन्द्र कालिया का निधन

हिन्दी साहित्यकार रविन्द्र कालिया का 76 वर्ष में निधन

हिन्दी साहित्यकार रविन्द्र कालिया का निधन हो गया है। वे 76 साल के थे। काफी समय से वे बीमार चल रहे थे। दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली।

उनकी पत्नि ममता कालिया भी जानीमानी लेखिका हैं।

रविन्द्र कालिया अपनी कहानियों और उपन्यास के लिए जाने जाते हैं।

उनका जन्म 11 नवंबर 1039 को पंजाब के जालंधर में हुआ था। वे भारतीय ज्ञानपीठ के निदेश भी रहे।

रविन्द्र कालिया ने 'नया ज्ञानोदय' पत्रिका का सम्पादन किया। 'धर्मयुग' पत्रिका में उनका योगदान सराहनीय रहा। केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय की पत्रिका 'भाषा' से भी जुड़े रहे तथा 'वागर्थ' का सम्पादन भी किया।

रविन्द्र कालिया की चर्चित कृतियां हैं :

उपन्यास - एबीसीडी, खुदा सलामत है, 17 रानडे रोड.
कहानी संग्रह - बांके लाल, नौ साल छोटी पत्नि, काला रजिस्टर, गरीबी हटाओ, गली कूचे.
संस्मरण - गालिब छुटी शराब, स्मृतियों की जन्मपत्री, कामरेड मोनालिजा.
व्यंग्य - नींद क्यों रात भर नहीं आती, राग मिलावट मालकौंस.

उन्हें उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान ने साहित्य भूषण सम्मान, प्रेमचन्द स्मृति सम्मान, पदुमलाल बक्शी सम्मान, आदि से नवाजा जा चुका है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम.