ब्लॉग : बच्चे पिटेंगे तो कैसे चलेगी शिक्षा?

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सरकारी स्कूलों की शिक्षा हो रही है बदहाल..

सरकारी स्कूलों में छात्रों की पिटाई के मामले पहले भी सुनने को मिले हैं। अमरोहा में हाल में जिस तरह चोरी के शक में एक छात्रा की बेरहमी से पिटाई की गयी उससे शिक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े हो गये हैं। बच्चे यदि इसी तरह पिटते रहे तो कैसे चलेगी शिक्षा व्यवस्था?

इससे शिक्षा व्यवस्था की बात करना बेमानी साबित हो जाता है। वे शिक्षक ही नहीं जो बाल मनोविज्ञान से खुद को परे किये हुए हैं। उन्हें शायद मालूम नहीं कि शिक्षा किस तरह दी जाती है या वे जानबूझकर बच्चों को प्रताड़ित करते हैं।

अमरोहा में एक प्राथमिक विद्यालय में रसोइया सरोज के 4500 रुपये चोरी हो गये थे। आरोप कक्षा दो की एक छात्रा उर्मिला पर लगाया गया कि उसने वह किया है। शक के आधार पर उर्मिला की पिटाई बेरहमी से की गयी।

जांच के बाद की कार्रवाई

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गिरवर सिंह ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया। मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी अमरोहा ध्यानचन्द और नगर शिक्षा अधिकारी अमरोहा योगेश कुमार ने की। दोनों अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट के बाद उन्होंने कार्रवाई करते हुए हेडमास्टर भोजराज को सस्पेंड कर दिया। जबकि रासोइया सरोज की सेवा समाप्त कर दी।

बच्चों को बुरी तरह प्रताड़ित करना उनकी मानसिक स्थिति को प्रभावित करता है। ऐसा नहीं होना चाहिए। बल्कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उनसे बातचीत कर उसे सुलझाना चाहिए। वैसे भी शिक्षकों को अपनी सीमा और नियम मालूम होने चाहिएं ताकि वे अनुचित करने से बच सकें।

-अनुज शर्मा.

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