Header Ads

गन्ना मूल्य और घटतौली : कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही, प्रदर्शन करने को मजबूर किसान

गन्ना मूल्य और घटतौली : कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही, प्रदर्शन करने को मजबूर

किसानों की समस्याओं पर सरकारों ने जैसे आंखें मूंद ली हैं। उनकी सुनवाई करने की कोशिश किसी ने नहीं की। गन्ने की घटतौली को लेकर किसान उग्र हो रहे हैं। उनके सब्र का बांध टूटने को है।

विरोध प्रदर्शन के द्वारा वे अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं। अमरोहा कलेक्ट्रेट पर उन्होंने सरकार की किसानों के प्रति असंवेदनहीनता पर अपना रोष व्यक्त किया।

किसानों का कहना था कि गन्ना मूल्य निधार्रित करने से प्रदेश और केन्द्र की सरकार पीछे हट रही है। प्रदेश सरकार ने अभी तक गन्ने का मूल्य तक नहीं तय किया है। जब वे प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करते हैं तो उन्हें अनुशासन के सिवा कुछ नहीं मिलता। 350 रुपये तो कम से कम गन्ना मूल्य मिलना चाहिए।

किसानों ने कहा कि मिल गन्ने की घटतौली कर रहे हैं। पीछे से तौल कर लाने पर यहां तुला गन्ना कम निकल रहा है। यह किसानों के साथ मजाक से कम नहीं।

गन्ना वजन मिल गेट पर कम हो गया

कालाखेड़ा मिल पर भी किसानों ने हंगामा किया। वहां आरोप लगाया गया कि गन्ने का वजन निजि कांटे पर अधिक था जबकि मिल गेट पर तुलने के बाद वह कम हो गया। किसानों का कहना था कि गेट पर घटतौली हो रही है। इसमें मिल प्रबंधन शामिल है। गन्ने का वजन दूसरे कांटे पर कम कैसे हो गया?

बाद में आये मिल अधिकारियों ने मामले को सुलझाने की कोशिश की। जांच का आश्वासन दिया। कहा गया कि तकनीकी समस्या के कारण ऐसा हो सकता है।

बिजली की समस्या से भी किसान बुरी तरह जूझ रहे हैं। उन्हें समय से बिजली नहीं मिल रही।

भारतीय किसान यूनियन का कहना है कि यदि समस्यायें जल्द नहीं सुधरीं तो वे अपने पशुओं को भी कलेक्ट्रेट आदि स्थानों पर ले आयेंगे और प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.