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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव : कभी वे भी अपने थे, आज हैं पराये

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव : कभी वे भी अपने थे, आज हैं पराये

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में उत्तर प्रदेश की राजनीति बहुत ही उछलकूद भरी देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के कभी अपने खास रहे लोग उसके विरोध में खड़े हुए। उन्होंने पार्टी को टक्कर दी और उसमें वे कामयाब रहे। सपा के तीन विधायकों की बदौलत समाजवादी पार्टी को उत्तर प्रदेश में तीन सीटों से हाथ धोना पड़ा।

7 जनवरी का दिन खास रहा। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में उसे 36 सीटों में 23 सीटें मिल गयीं। उसे कुल 74 सीटों में 59 पर जीत हासिल हुई है।

जो 38 लोग निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गये हैं उनमें से 36 अकेले समाजवादी पार्टी के हैं।


लेकिन कहीं न कहीं दुख भी है कि पार्टी के बागी उन्हें मुकाबले में पराजित कर गये।

सबसे मजेदार रहा बिजनौर का चुनाव। वहां से सपा विधायक रुचिवीरा अपने पति उदयनवीरा को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव लड़ाना चाहती थीं। सपा ने उनकी एक न सुनी और नीलम पारस को पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में उतार दिया। बाद में विरोध के चलते रुचिवीरा को पार्टी से बाहर किया गया। उनके समर्थकों और नीलम समर्थकों में मारपीट हुई। चुनाव में जीत रुचिवीरा के पति उदयनवीरा को मिली। उन्होंने सपा की नीलम को पराजित किया।

साथ में पढ़ें : जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा का परचम

उन्नाव में सपा के बागी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की पत्नि संगीता सेंगर जीत गयीं।

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव result

वहीं सीतापुर में बागी विधायक रामपाल यादव ने सपा को झटका दे दिया। उनके बेटे जितेन्द्र यादव ने बड़े अंतर से विजय हासिल की।

तीन विधायकों के बागीपन ने सपा से तीन सीटें छीन लीं। इससे साफ हो गया कि समाजवादी पार्टी के जो कभी अपने हुआ करते थे, उनके पराये हो जाने के बाद उन्होंने पार्टी को ही नुकसान पहुंचाया।

साथ में यह भी हुआ कि आने वाले दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव में यदि सपा ने उन्हें नहीं मनाया तो वे कहीं उससे अधिक नुकसान पार्टी को पहुंचा सकते हैं।

किस पार्टी के कितने जिला पंचायत अध्यक्ष

  • समाजवादी पार्टी - 59
  • भारतीय जनता पार्टी - 5
  • बहुजन समाज पार्टी - 5
  • कांग्रेस -1
  • रालोद -1
  • बागी - 3

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम.