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मायावती और स्मृति ईरानी : सिर कलम करना और कदमों में डालने पर जंग

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भारत की राजनीति बहुत अजीब मोड़ पर पहुंच चुकी है। रोचकता अधिक इसलिए भी बढ़ती जा रही है क्योंकि दो दिग्गज महिलायें आमने-सामने आ गयी हैं। यह सब भारतीय जनता पार्टी की आक्रामकता और मायावती की चुप्पी के बाद मुंह खोलने से शुरु हुआ है।

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने रोहित की आत्महत्या की जांच करने वाले पैनल में दलित सदस्य के न होने का मामला उठाया था। उन्होंने कहा कि वे इस मसले में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के जबाव से संतुष्ट नहीं हैं।

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मायावती ने कहा,'उन्होंने कहा कि यदि मैं उनके जबाव से संतुष्ट नहीं होती तो वो अपना सर कलम करके मेरे कदमों में डाल देंगी।’

उन्होंने कहा,'मैं एक प्रतिशत भी उनके जबाव से सहमत नहीं हुई। अब उनको अपना सर कलम करके मेरे कदमों में डाल देना चाहिए।’

मायावती से इस बयान से सियासत ने ओर गर्मी बढ़ा दी है।

स्मृति ईरानी बोलीं कि यदि मायावती उनके जबाव से संतुष्ट नहीं हैं तो सिर कलम करके ले जाने की हिम्मत है तो ले जायें।

दलितों के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी पहले ही बहुत घिर चुकी है। अब ईरानी ने उस मुद्दे पर संसद में बयान दिया। उनके बयान पर गलतबयानी और झूठ कहने के भी आरोप लगाये जा रहे हैं।

उधर स्मृति ईरानी का पीछा महिषासुर विवाद नहीं छोड़ रहा।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए मोहित सिंह.