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मुरादाबाद-बिजनौर एमएलसी सीट : भाजपा का ढीला प्रचार सपा का रास्ता आसान कर रहा है

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यह तो मतगणना से ही पता चलेगा कि सपा-भाजपा के आमने-सामने की टक्कर में एमएलसी कौन बनेगा, लेकिन जिस प्रकार दोनों उम्मीदवारों का चुनाव प्रचार चल रहा है, उससे तो सपा उम्मीदवार ही मजबूत होता जा रहा है।

महबूब अली अपने बेटे परवेज अली के चुनावी प्रबंधन की कमान अपने हाथ में लिए हैं। महबूब अली के चुनावी प्रबंधन को यहां के राजनीतिक हलके में सभी जानते हैं। उनके सामने भाजपा उम्मीदवार का प्रबंधतंत्र कहीं नहीं ठहरता।

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यहां ठीक बाली और सुग्रीव जैसे युद्ध की भूमिका है। बाली के सामने आते ही जैसे सुग्रीव का आधा बल धराशायी हो जाता था, उसी तरह महबूब के प्रचार अभियान में भाजपा का एक भी महारथी दिखाई नहीं पड़ता।

भाजपा की उम्मीदवार आशा सिंह के दर्शन तक यहां भाजपा कार्यकर्ताओं को नहीं हो पाये जबकि दो सप्ताह से महबूब अली और उनकी पार्टी के महारथी पूरे मनोवेग से चुनावी प्रचार में जुटे हैं।

कमजोर चुनाव प्रचार भाजपा उम्मीदवार को मतदाताओं में कमजोर ठहराने में सहायक हो रहा है। जो पार्टी स्वयं को चीन की कम्यूनिस्ट पार्टी से भी अधिक सदस्यों वाली पार्टी कहते नहीं थक रही थी, चुनाव में उसके सदस्य दिखाई नहीं दे रहे।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.