Header Ads

नयी तहसील का जिले भर में विरोध, वकील और किसान संगठन सड़कों पर उतरने को तैयार

naugawan-sadat-amroha-district

नौगांवा सादात को नयी तहसील बनाने का पूरे अमरोहा जिले में विरोध शुरु हो गया है। हालांकि अभी तहसील बनने में कई तकनीकी और कानूनी खामियां हैं। अमरोहा और मंडी धनौरा विधानसभा क्षेत्रों के लोग भी विरोध में हैं, वकील और किसान तो तहसील बनाने के चौथे प्रयास के खिलाफ सड़कों पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

केवल नौगांवा सादात कस्बे के चन्द लोगों के कहने से मौलाना आब्दी और अशफाक खां ने मुख्यमंत्री से तहसील बनने की घोषणा करवा कर एक शांत इलाके में अशांति का बीजारोपण कर दिया है।

मजेदार बात है कि नयी तहसील का प्रस्तावित आकार और सीमांकन जिले की चार में से तीन विधानसभाओं के कई दर्जन गांवों के लोगों के लिए कई नई मुसीबतें खड़ी करेगा।

नयी तहसील बनने से विकास के गोलमोल दावों की इसी से हवा निकल जाती हैए कि छोटी प्रशासनिक इकाई से समय और दूरी की बचत होती है लेकिन नौगांवा में तहसील मुख्यालय बनने से तो कई गांवों के लोगों की तहसील मुख्यालय पहले से कई गुणा दूर हो जायेगा।

जो गांव धनौरा, अमरोहा और हसनपुर तहसीलों से काटकर नौगांवा में जोड़े जायेंगे वे सभी मौजूद तहसीलों से नयी तहसील में शामिल होने पर 5 से 25 किलोमीटर अधिक दूर हो जायेंगे।

नेता अपनी सनक में क्षेत्र के लोगों को परेशान कर किस तरह की समाजसेवा करना चाहते हैं।

यदि नौगांवा नयी तहसील बनती है तो यह सपा के लिए पूरे जिले में खतरे की घंटी सिद्ध होगी।

कैबिनेट मंत्री महबूब अली अपने छोटे बेटे का चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्हें नौगांवा में मिलाये जाने वाले गांवों की आपत्ति को गंभीरता से लेकर नयी तहसील प्रकरण को ठंडे बस्ते में डलवा देना चाहिए। जिससे यहां के मतदाता उनका जोरदार समर्थन करें। उन्हें अमरोहा के वकीलों और किसानों की आवाज को सुनना चाहिए।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.