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नौगांवा तहसील प्रकरण : अशफाक के लिए आगे कुंआ पीछे खाई

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नौगांवा तहसील प्रकरण विधायक अशफाक खां के गले की हड्डी बनता जा रहा है। यदि तहसील बनती है तो विधानसभा क्षेत्र का मध्य हिस्सा उनसे खफा हो जायेगा और यदि वे तहसील बनवाने में विफल रहते हैं, तो नौगांवा कस्बे और उसके निकटवर्ती गांवों में उनका विरोध शुरु हो जायेगा।

ऐसे में तहसील प्रकरण से जिस तरह निपटा जाये अशफाक के लिए लाभ की स्थिति दिखाई नहीं देती।

चुनाव के दौरान अशफाक अली खां ने अपनी विधानसभा के एक छोर पर आबाद नौगांवा सादात के लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए वहां जाकर लोगों को तहसील मुख्यालय का वचन दिया था। जिसे चार वर्ष से सत्ता का आनन्द लेने वाले अशफाक खां अभी तक पूरा नहीं करा पाये।

हाल ही में मुख्यमंत्री ने आश्वासन देकर उन्हें आशा बंधाई। इसकी खबर ने विधानसभा के बड़े इलाके में विरोध की चिंगारी को हवा देकर अशफाक के सामने नयी मुसीबत खड़ी कर दी है।

तहसील बनती है तो अमरोहा से रजबपुर और धनौरा के बीच के एक बड़े भाग के लोग उनसे नाराज हो जायेंगे, जो चुनाव में हिसाब चुकता करेंगे।

यदि नहीं बनती है तो नौगांवा और उसके निकट के मतदाता उनसे वादाखिलाफी के कारण अशफाक से किनारा कर लेंगे। ऐसे में अशफाक खां के लिए चुनावी वैतरणी पार पानी आसान नहीं है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम गजरौला.