Header Ads

शंकर इंटर कालेज प्रकरण : कालेज को डिबार करो या कुछ ओर, छात्रा का तो साल बर्बाद हो गया

shankar-inter-college-preeti
सैदनगली का शंकर इंटर कालेज फंस गया है। कालेज की दसवीं की छात्रा प्रीति को यूपी बोर्ड की दसवीं परीक्षा से वंचित होना पड़ा है। इसमें कालेज की लापरवाही सामने आ रही है।

छात्रा प्रीति का कहना है कि प्रवेश पत्र न दिये जाने के कारण वह परीक्षा में नहीं बैठ सकी। जबकि उसने फीस भी जमा की थी। कालेज की ओर से कहा जा रहा है कि छात्रा का ऑनलाइन फॉर्म ही नहीं भरा गया। जबकि छात्रा के पास शुल्क जमा की रसीद भी मौजूद है।

छात्रा ने पूरे साल मेहनत से पढ़ाई की थी। बोर्ड परीक्षा के दिन भी उसे कालेज की ओर से प्रवेश पत्र उपलब्ध नहीं किया गया। आरोप यह भी लग रहे हैं कि कालेज प्रबंधक जितेन्द्र कुमार और उनके पुत्रों ने दबंगई दिखाते हुए दलित छात्रा प्रीति से जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। प्रीति के साथ गाली-गलौच भी की गयी।

एसडीएम के ऑफिस में जाकर छात्रा के आंसू छलक आये थे। उसने रोते हुए कहा कि उसका एक साल खराब हो गया। इसमें उसकी कोई गलती नहीं है, सारा दोष कालेज प्रबंधन का है। उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

उधर जिला विद्यालय निरीक्षक रविदत्त ने कहा है कि वे जो भी कार्रवाई हो सकेगी करायेंगे, लेकिन परीक्षा में इस बार वह नहीं बैठ सकती। उन्होंने शंकर कालेज को अगले साल डिबार कर उसकी मान्यता रद्द करने की बात भी कही।

छात्रा का कहना है कि इंसाफ नहीं मिला तो वह भूख हड़ताल करेगी।

मामले की जांच राजकीय इंटर कालेज अमरोहा के प्रधानाचार्य कर रहे हैं। जांच के बाद जल्द कार्रवाई की बात कही गयी है।

कालेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि उसकी वजह से एक छात्रा बोर्ड की परीक्षा से वंचित रह गयी। उसका एक साल बेकार हो गया।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.