Header Ads

ईपीएफ वापसी : राहुल ने खुद को चमकाने की कोशिश की, कहा कि उनका दबाव काम आया

rahul-gandhi-on-EPF

केन्द्र सरकार के रोल बैक के बाद राहुल गांधी खुलकर सामने आये हैं। वे इस बार अपने कुरते की बाहें ऊपर करते हुए चिल्लाते हुए नहीं आये, बल्कि आराम से कहा कि उनके विरोध से ईपीएफ पर टैक्स का फैसला वापस ले लिया गया है।

कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को हमने कुछ दिन पहले संसद में पीएम नरेन्द्र मोदी पर हमले करते हुए देखा। सरकारी योजनाओं और पीएम की खिल्ली उड़ाने का प्रयास करते देखा। बाद में पीएम ने अपनी बराबरी उनसे करने की कोशिश की, जिसकी बहुत दिन बाद तक चर्चा रही। कहा गया कि पीएम और राहुल गांधी में समानता नहीं हो सकती, इसलिए राहुल को बोलने दो, आप उनसे बेमतलब की बहस करके अपना कद उनके बराबर कर रहे हैं।

राहुल अब बोल रहे हैं कि उन्होंने जो सरकार पर दबाव बनाया था, उसने काम करना शुरु कर दिया है। यानि वे दबाव बनाना भी जानते हैं और दबाव के बाद के होने वाले असर पर अपनी वाजिब टिप्पणी भी करते हैं। मतलब यह कि राहुल गांधी राजनीति की बारीकियों को समझने में जुटे हैं जो हर बार क्यों असफल हो जाती हैं, यह प्रश्न खोजबीन का हो सकता है।

arun-jaitely-on-EPF

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ईपीएफ पर टैक्स लगाने का फैसला वापस ले लिया है। उन्होंने इसके लिए लोकसभा में घोषणा की थी।

दबाव तो जैसा भी बनाया गया, लेकिन असल दबाव देश की जनता ने बनाया था। वित्त मंत्री की आलोचना हर तरफ की जा रही थी। विभिन्न मजदूर संगठन उनका खुला विरोध कर रहे थे।

उधर सर्राफा बाजार जेटली से निराश है। वह 1 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी कम कराना चाहता है जो आभूषणों पर थोप दी गयी है। उसके लिए सर्राफ सरकार का विरोध कर रहे हैं।

शायद इस बार फिर से सरकार को रोल बैक करना पड़ेगा। इतिहास में यह सरकार आगे बढ़कर फैसले करने के बाद उन्हें बार-बार वापस लेने का रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ती जा रही है। दूसरी भाषा में उसे यू-टर्न भी कह सकते हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए एम.एस. चाहल.