ksk-academy-gajraula-murder

केएसके अकादमी के छात्र दीपेन्द्र की हत्या का राज नहीं खुल सका। वैसे पोस्टमॉर्टम से यह तो स्पष्ट हो गया कि उसकी हत्या फांसी के द्वारा हुई है। फांसी किसने और क्यों दी? यह रहस्य बना है।

छात्र की हत्या का पता सोमवार दोपहर को चला था। यह खबर जंगल की आग की तरह दूर तक फैल गयी। स्कूल पर आसपास के लोगों की भीड़ लग गयी तथा पुलिस अधिकारी और कई नेता घटनास्थल पर थोड़ी देर में ही पहुंच गये। इस घटना की खबर से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गयी।


छात्र दीपेन्द्र थाना रजबपुर के ग्राम लम्बिया निवासी महेन्द्र सिंह का इकलौता बेटा था। वह इंटर का छात्र था। खबर मिलते ही परिजन सहित स्कूल में पहुंच गये थे। पुलिस ने इस मामले में महेन्द्र सिंह की ओर से स्कूल प्रबंधक रिंकू पुत्र नरेन्द्र सिंह चाहल, प्रधानाचार्य तथा हॉस्टल वार्डन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। ये सभी फरार हैं। वैसे स्कूल का स्टाफ इस घटना का पता चलते ही फरार हो गया।

केएसके अकादमी गजरौला-मूंढाखेड़ा मार्ग पर खादगूजर से एक किलोमीटर उत्तर तथा नगलिया बहादुरपुर गांव के पास स्थित है। स्कूल संचालक नरेन्द्र सिंह चाहल ने इसे अपने खेत में ही बनवाया था जबकि वह दशकों पूर्व सपरिवार दिल्ली बस गया है। वहां संगम विहार में हमदर्द यूनिवर्सिटी के करीब ही उसका एक और स्कूल तथा आवास है।

शीघ्र खुलासा कर कठोर कार्रवाई की मांग

केएसके अकादमी के छात्र की कथित हत्या का शीघ्र खुलासा कर पुलिस से दोषियों को पकड़कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। भाकियू नेता चौ. विजयपाल सिंह, दिवाकर सिंह, उपेन्द्र सिंह, समेत क्षेत्र के तमाम लोगों ने इस प्रकरण पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषियों को शीघ्र कानून के हवाले करने की मांग की है।

साथ ही ऐसे व्यवस्था की मांग की है जिससे स्कूलों में इस तरह की वारदातों की पुनरावृत्ति न हो।

दीपेन्द्र हत्याकांड से सम्बंधित ख़बरें पढ़ें :

नरेन्द्र और उसके बेटे कई मामलों में विवादित रहे हैं

छात्र दीपेन्द्र की 'रहस्मय’ हत्या का राज गहराया

पुलिस से सांठगांठ कर सकता है नरेन्द्र

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम गजरौला.