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गजरौला पालिका बनने के बावजूद, नगर पंचायत बोर्ड और स्टाफ का अस्तित्व कायम है


गजरौला नगर पालिका परिषद हो चुका लेकिन अभी तक यहां नगर पंचायत की तरह ही काम चल रहा है। सपा नेता राहुल कौशिक एक बार फिर से प्रयास में हैं कि यहां पालिका परिषद के स्तर के अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त हों, तथा कार्यालय भी उसी प्रकार से व्यवस्थित हो।

पहले पंचायत चुनावों के कारण लगी आदर्श आचार संहिता के कारण यह काम नहीं हो सका जबकि अब विधान परिषद सदस्यों के चुनाव की वजह से इसमें देरी हो रही है। हो सकता है उसके बाद नये वित्त सत्र एक अप्रैल से ही अगली प्रक्रिया संपन्न होगी।

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वैसे राहुल कौशिक इसके लिए सजगता से प्रयास कर रहे हैं। जब वे पालिका बनवाने में सफल हुए हैं तो यह काम तो अब होना ही है। यह अलग बात है कि थोड़ा विलंब हो गया है। पालिका चुनावों में अभी काफी समय है। ऐसे में उससे पहले कार्यालय स्टाफ का विस्तार शासन के आदेश पर हो जायेगा।

नगर में सात वार्ड नये बने हैं जिससे पुराने 18 वार्डों को समाप्त कर नये सीमांकन से पच्चीस वार्डों का क्षेत्र निधार्रित किया गया है। लोग चाहते हैं कि उन्हें नये सीमांकन का विवरण दिया जाये।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम.