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लोगों का पालिकाध्यक्ष हरपाल सिंह से बड़ा सवाल : आखिर कब तक खुले में शौच करें?

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केन्द्र की भाजपा सरकार की स्वच्छ भारत मुहिम को यहां के पालिकाध्यक्ष हरपाल सिंह पलीता लगाने पर तुले हैं, जबकि वे भाजपा के कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। इस बार के आम बजट में सरकार ने लोगों पर स्वच्छता के नाम पर सेवाकर में स्वच्छता उपकर भी लगा दिया। इससे नगर पंचायत से गंदगी समाप्त करने का दायित्व सरकार और निकायों पर पहले से अधिक आ गया है।

लोग यहां वर्षों से शौचालयों की मांग कर रहे हैं। जबकि सरकार लाखों रुपये प्रतिवर्ष इसी प्रचार पर खर्च कर रही है कि खुले में शौच न जायें। गजरौला तथा यहां से होकर गुजरने वाले यात्रियों का सवाल है कि जब पूरे नगर में कहीं भी सार्वजनिक शौचालय नहीं, तो लोग शौच खुले में न करें तो कहां जायें?

थाना चौराहा नगर का ऐसा स्थान है जहां थाने के साथ ही क्षेत्र विकास समिति का कार्यालय, सरकारी अस्पताल, पशु अस्पताल तथा चारों ओर को आने-जाने वाले लोगों का भारी जमावड़ा रहता है। थाना चौक पर दिन-रात वाहनों की प्रतीक्षा में महिलायें, बच्चे, बूढ़े तथा बीमार भी खड़े देखे जा सकते हैं।

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थाने में लोगों को बन्द कराने वाले और छुड़ाने वाले पुलिस के फैसले की प्रतीक्षा में भी यहीं बैठे देखे जाते हैं। घोड़ा-तांगा, तिपहिया और टैक्सी स्टैंड भी यहीं भीड़ जमाये रहते हैं, लेकिन इस चौराहे के आसपास कोई भी शौचालय तो क्या पेशाबघर तक नहीं। लोग दबाव पड़ने पर किसी खोखे, दीवार या पेड़ की आड़ लेकर तथा थोड़े धुंधलके में बिल्कुल खुले में ही नालों के किनारे काम कर बैठते हैं। सफाईकर्मी सड़कों की सफाई करते हैं, जबकि तमाम गंदगी उसके इर्द-गिर्द पड़ी हुई दुर्गन्ध और बीमारियों को न्यौता देती है।

भानपुर से पश्चिम रेलवे स्टेशन की ओर राजमार्ग के दोनों ओर खुले में शौच करने वाले सुबह काफी संख्या में होते हैं। इनमें बिना शौचालय के सस्ते मकानों में रहने वाले तथा किसी वाहन से उतरकर सुबह-सुबह दूसरी जगह जाने वाले लोग होते हैं। सड़क के दोनों ओर खाली पड़े प्लॉट इनका निशाना होते हैं। थोड़ी बूंदें या बारिश होते ही इधर से गुजरने वाले उन लोगों को एक बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ता है जो प्रातःकालीन शुद्ध हवा लेने और टहलने के लिए इधर से निकलते हैं। अब यहां टहलने वालों का आवागमन भी बंद हो गया। क्या करें? निकलते हैं, शुद्ध हवा लेने और मिलती है उनकी आबादी से हजारों गुनी जहरीली हवा।

बस अड्डा शौच-अड्डा बना

नगर का एकमात्र बस अड्डा नेशनल हाइवे पर बना है। जहां एक भी बस नहीं रुकती। वहां कुछ पेशाबघर बने थे जो बरबाद हो चुके। शौचालय यहां भी नहीं। इस लावारिस बस अड्डे को ही लोगों ने शौच अड्डा बनाकर इतनी गंदगी फैला दी है कि उसके पास बसी आबादी तक हवा के रुख से लोगों को बदबू का आनंद दिलाया जा रहा है। उसके निकट होकर भी गुजरते समय दुर्गन्ध परेशान करती है। पूरा वातावरण प्रदूषित हो चुका है। इसे न तो राज्य सरकार का परिवहन विभाग देख रहा और न ही पालिका परिषद को इससे कोई मतलब है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम गजरौला.