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कृषकों की बदहाली को लेकर किसान संघ ने आवाज उठायी

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भारतीय किसान संघ ने किसानों की समस्याओं को उठाते हुए कहा है कि फसल बरबाद होने के बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया है। उसके लिए किसानों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

किसान संघ के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि पिछले साल बरसात और आंधी ने फसल को चौपट कर दिया था। साथ में हुई ओलावृष्टि ने रही सही कसर पूरी कर दी। गेहूं की फसल बरबाद हो गयी थी। किसान की तो कमर ही टूट गयी। उसके सामने भूखों मरने की नौबत खड़ी हो गयी थी। वह बेबसी में अभी तक मुआवजे की आस में मारा-मारा फिर रहा है, लेकिन उसे एक धेला भी नहीं दिया गया।

कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं दिया गया। बेचारा किसान बुरी तरह समस्याग्रस्त हो गया है। बिजली व्यवस्था की दशा ग्रामीण इलाकों में चरमरायी हुई है। फसल को समय से पानी नहीं मिल पा रहा। यह किसान पर दोहरी मार की तरह हो गया है।

अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञान किसान संघ की ओर से कलैक्ट्रेट में दिया गया। उसमें ग्रामीण क्षेत्र की अन्य समस्याओं का भी जिक्र किया गया जैसे वहां सड़कों का बुरा हाल है और किसानों की आर्थिक स्थिति लड़खड़ाने के कारण वे कृषि उपकरण आदि खरीदने में अक्षम हैं। उन्हें उनपर सरकार की ओर से कोई रियायत नहीं दी जा रही है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.