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हाल ही में दैनिक शाह टाइम्स ने अपनी दो रिपोर्टों में ललित हत्याकांड प्रकरण का तथ्यपरक खुलासा किया था और यह भी लिखा था कि पुलिस वास्तविक अपराधियों की जगह बेकसूरों के नाम का खुलासा करने की कोशिश में है।

अखबार ने लिखा था कि मंडी धनौरा का एक पत्रकार भी अपराधियों का सहयोगी है। इसी के साथ पत्रकार के नाम की चरचायें शुरु हो गयी थीं। चरचाओं का कारण स्पष्ट है कि पत्रकार कई दिन से प्रवीण और मुशीर के साथ देखा गया था। लोग तभी कह रहे थे कि पत्रकार इन्हें बचाये फिर रहा है। वैसे भी मंडी धनौरा की रामलीला कमेटी, जिसका अध्यक्ष प्रवीण है, पत्रकार उसमें मीडिया प्रभारी या किसी अन्य पद पर हैं। कमेटी के दुकान आवंटन के फर्जीवाड़े में भी पत्रकार ने कुछ दुकानों को अपने या अपने घर के किसी सदस्य के नाम कराया है। लोग इस प्रकरण में प्रत्यक्ष और परोक्ष, दोनों तरह की भूमिका निभाने वाले सभी अपराधियों को कानून के हवाले किये जाने के पक्ष में हैं।

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अभियुक्त प्रवीण अग्रवाल (ऊपर तस्वीर में) की बहन की शादी भी गजरौला के व्यापारी नेता रमेश सिंघल के बेटे के साथ हुई है। सिंघल मृतक ललित अग्रवाल के परिवार के करीबी माने जाते हैं।

यह भी बताया जाता है कि प्रवीण और मुशीर शादी से पहले ही ललित की पत्नि के परिचित थे, उसका पीहर अमरोहा का बताया जाता है।

हत्या के पीछे लेनदेन और प्रेम प्रसंग को माना जा रहा है। अभी पुलिस तफतीश जारी रहेगी। उसके बाद सत्ताधारी नेताओं, पत्रकारों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं। बशर्ते पुलिस ईमानदार इच्छाशक्ति के साथ काम करे।

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-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम अमरोहा.