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MUZAFFARNAGAR RIOT : अखिलेश सरकार को क्लीन चिट देने के कारण आयोग की रिपोर्ट चर्चा में

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मुजफ्फरनगर के दंगों में उत्तर प्रदेश की सरकार को क्लीन चिट मिल गयी है। 2013 में मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक दंगे हुए थे जिसमें कई लोगों की जान चली गयी। लगभग 40 हजार से अधिक लोग अपना घर-बार छोड़कर चले गये थे।

सरकार ने जस्टिस विष्णु सहाय आयोग बैठाया था जिसका जिम्मा था दंगों की जांच करना। रविवार को विधानसभा में आयोग ने अपनी रिपोर्ट पेश की जिसमें पूर्व गृह सचिव, डीएम और पुलिस अधीक्षक को दोषी ठहराया गया है।

आयोग ने कहा है कि दंगा भड़कने से बच सकता था, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने अपना कर्तव्य ठीक तरह से नहीं निभाया। वे इसके लिए दोषी हैं।

जिन लोगों को सहाय आयोग ने जिम्मेदार ठहराया है उनमें जनसठ के पुलिस क्षेत्राधिकारी जगतराम जोशी भी शामिल हैं।

सहाय आयोग का गठन 9 सितंबर 2013 को किया गया था।

आयोग को दो महीने में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन आयोग का कार्यकाल 7 बार बढ़ा।

रिपोर्ट चर्चा में इसलिए ज्यादा है क्योंकि इसमें किसी राजनेता का नाम नहीं हैं। दंगों को स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा बताया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार अब बरी हो चुकी है, जबकि उसके नेताओं पर दंगा भड़काने के आरोप विपक्ष द्वारा लगाये जाते रहे हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए मोहित सिंह.