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राज ठाकरे और भड़कते बयान : मुट्ठी भर समर्थकों संग ताकत दिखाने की बेकरारी

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राज ठाकरे जैसे कुछ भी बोल देने वाले और जनाधार लगभग खत्म कर चुके मुंबई के छोटे हिस्से में सिकुड़े नेता को बिहार के उप मुख्यमंत्री और तेजस्वी प्रसाद यादव ने करारा जबाव देने की कोशिश की है।

तेजस्वी ने कहा कि महाराष्ट्र तथा देश किसी के बाप की जागीर नहीं है। उन्होंने कहा कि यहां वह नहीं हो सकता जो राज ठाकरे चाहेंगे।

राज ठाकरे ने एक कार्यक्रम के दौरान भड़काने वाले लहजे में कहा था कि गैर मराठियों के ऑटो रिक्शा जला दो। उसके बाद ठाकरे की देश भर में खूब आलोचना हुई थी। खासकर बिहार के नेताओं ने कहा था कि ठाकरे के पास भड़काने के सिवा कुछ शेष नहीं रह गया।

विधानसभा चुनाव बुरी तरह हारने और जमानत से हाथ धोने के बाद राज ठाकरे अपने उदास चेहरा छिपाने के लिए गायब हो गये थे। उनके बारे में चर्चा थी कि वे हार के बाद सुकून की तलाश में कहीं छिपे बैठे हैं। वो अलग बात है कि वे आगे की रणनीति पर काम रहे थे।

वह रणनीति भी पुराने तरह की राजनीति का हिस्सा निकली।

चर्चा पहले भी थी और आगे भी लोग करते हैं कि राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस को महाराष्ट्र में कोई पूछता तो है नहीं, लेकिन वे फिर भी मुट्ठी भर समर्थकों के सामने अपनी ताकत दिखाने की जुगत में बेकरार रहते हैं।

बिहार समेत उत्तर भारत के लोग भारी तादाद में मुंबई में काम करते हैं। बिहार के नेताओं ने कहा है कि यदि उत्तर भारत के लोग महाराष्ट्र में काम नहीं करेंगे तो वह ठहर जायेगा।

राज ठाकरे की राजनीति डराने और धमकाने से शुरु होती और खत्म भी वहीं होती है। इससे साफ हो जाता है कि वे राजनीति को पुराने तरीके से करने की कोशिश कर रहे हैं जब लोग उनसे खबरा जाते होंगे, लेकिन अब तो उनकी पार्टी को वोट देने वाले गिनती के ही रह गये हैं।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए मोहित सिंह.