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सर्राफा व्यापारी नई रणनीति बनाकर फिर से सरकार के खिलाफ तेज करेंगे अपना आंदोलन

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बढ़ी हुई एक्साइज़ ड्यूटी को लेकर सर्राफा व्यापारियों ने अपने आंदोलन और तेज करने का फैसला किया है। व्यापारियों का कहना है कि इस बार वे आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैं। वे इसलिए अधिक आहत हैं कि उनकी सुनवाई को न तो जनप्रतिनिधि आ रहे और न ही सरकार कोई ठोस बात कर रही।

मुरादाबाद में हड़ताल का असर देखने को अधिक मिल रहा है। लगभग एक महीने से सर्राफा कारोबार चौपट है। आभूषणों की खरीददारी पर ब्रेक लगा हुआ है।

आभूषण कारीगरों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ा है। उनके लिए रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वे भी सरकार को कोस रहे हैं, लेकिन एक मामूली आस भी लगाये हुए हैं कि कोई नतीजा निकले। मगर अभी तक तो यही लगता है कि सरकार अपने कदम पीछे नहीं खींचेगी।

उधर सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि वे रेलगाड़ियों तक को रोकने को मजबूर हो सकते हैं। साथ ही सड़कों पर जाम लगाकर अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं। सांसदों का घेराव करने की रणनीति भी बनाई जा रही है।

अमरोहा में लंबे समय तक सर्राफा व्यापार चौपट रहने के बाद हड़ताल लगभग खत्म हो चुकी है। व्यापारी अपने प्रतिष्ठान खोल जरुर रहे हैं, लेकिन दूसरे स्थानों पर सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल को उनका समर्थन जारी है। वे समय-समय पर मुरादाबाद, मेरठ, दिल्ली, हापुड़, बरेली, आदि जगहों पर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।

लेकिन व्यापारियों का कहना है कि सरकार को एक प्रतिशत बढ़ाई गयी एक्साइज ड्यूटी वापस लेनी चाहिए। इसका विरोध करने के लिए अमरोहा के सर्राफा व्यापारी नई रणनीति बना रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि सरकार इसपर गंभीरता से विचार कर रही है। वह इसमें कहीं न कहीं फंसती भी नजर आ रही है क्योंकि यह साल खत्म होते ही उत्तर प्रदेश में चुनाव भी होने हैं। इसलिए वह व्यापारियों के हर कदम पर निगाह रखे हुए है।

-गजरौला टाइम्स डॉट कॉम के लिए अमित कुमार.